नात लिरिक्स

Hamara Soya Naseeba Jaga Diya Jaye

हमारा सोया नसीबा जगा दिया जाए

नात ख़्वान: अज़मत रज़ा भागलपुरीशायर: अज़मत रज़ा भागलपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हमारा सोया नसीबा जगा दिया जाएहुज़ूर ! 'अर्ज़ है तयबा दिखा दिया जाए

शिफ़ा जिसे नहीं मिलती कहीं ज़माने मेंतो उस मरीज़ को ज़मज़म पिला दिया जाए

'उमर ने देख लिया जब हुज़ूर का चेहराकहा हुज़ूर से कलमा पढ़ा दिया जाए

कहा ये साँप ने दीदार की तमन्ना हैऐ यार-ए-गार ! अँगूठा हटा दिया जाए

ज़ुलैख़ा उँगली नहीं जान भी लुटाएगीअगर हुज़ूर का चेहरा दिखा दिया जाए

नज़र जिसे नहीं आए हुज़ूर की 'अज़मतउसे बरेली का सुरमा लगा दिया जाए

ब-रोज़-ए-हश्र जहन्नम कहेगी, ऐ मौला !जो मुस्तफ़ा का नहीं है जला दिया जाए

वो मिट गया है जो उलझा है मेरे ख़्वाजा सेफ़सादियों को ज़रा ये बता दिया जाए

मिलेगी मस्जिद-ए-अक़्सा को फिर से आज़ादीअगर 'उमर को दोबारा बुला लिया जाए

सुकून क़ल्ब को हासिल हो इस लिए, 'अज़मत !नबी की ना'त का नग़्मा सुना दिया जाए

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