नात लिरिक्स

Ye Jashn-e-Habib-e-Khuda Ho Raha Hai | Ye Milad-e-Khair-ul-wara Ho Raha Hai

ये जश्न-ए-हबीब-ए-ख़ुदा हो रहा है | ये मीलाद-ए-ख़ैर-उल-वरा हो रहा है

नात ख़्वान: अश्फ़ाक़ अत्तारीशायर: अश्फ़ाक़ अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आ गए सरकार ! झूमो !नबियों के सरदार ! झूमो !दो जग के मुख़्तार ! झूमो !हैं सब के ग़म-ख़्वार ! झूमो !

ये मीलाद-ए-ख़ैर-उल-वरा हो रहा हैये मीलाद-ए-ख़ैर-उल-वरा हो रहा है

आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !आ'ला की आमद ! मरहबा !बाला की आमद ! मरहबा !औला की आमद ! मरहबा !वाला की आमद ! मरहबा !रसूल की आमद ! मरहबा !मक़्बूल की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !पुर-नूर की आमद ! मरहबा !बशीर की आमद ! मरहबा !नज़ीर की आमद ! मरहबा !अव्वल की आमद ! मरहबा !आख़िर की आमद ! मरहबा !बातिन की आमद ! मरहबा !ज़ाहिर की आमद ! मरहबा !

ये मीलाद-ए-ख़ैर-उल-वरा हो रहा हैये मीलाद-ए-ख़ैर-उल-वरा हो रहा है

ये जश्न-ए-हबीब-ए-ख़ुदा हो रहा हैये मीलाद-ए-ख़ैर-उल-वरा हो रहा है

ये क्यूँ आज होता है घर-घर चराग़ाँजहाँ का समाँ क्यूँ नया हो रहा है

ये जश्न-ए-हबीब-ए-ख़ुदा हो रहा हैये मीलाद-ए-ख़ैर-उल-वरा हो रहा है

ज़माने पे क्यूँ आज है नूर छायाये क्यूँ ज़िक्र-ए-सल्ले-'अला हो रहा है

ये जश्न-ए-हबीब-ए-ख़ुदा हो रहा हैये मीलाद-ए-ख़ैर-उल-वरा हो रहा है

क्यूँ जिब्रील झंडा लिये आ रहे हैंसर-ए-का'बा ये आज क्या हो रहा है

ये जश्न-ए-हबीब-ए-ख़ुदा हो रहा हैये मीलाद-ए-ख़ैर-उल-वरा हो रहा है

आ गए सरकार ! झूमो !नबियों के सरदार ! झूमो !दो जग के मुख़्तार ! झूमो !हैं सब के ग़म-ख़्वार ! झूमो !

सर-ए-का'बा गाड़े हैं जिब्रील झंडा'अलम तेरा दुनिया पे वा हो रहा है

ये जश्न-ए-हबीब-ए-ख़ुदा हो रहा हैये मीलाद-ए-ख़ैर-उल-वरा हो रहा है

आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !आ'ला की आमद ! मरहबा !बाला की आमद ! मरहबा !औला की आमद ! मरहबा !वाला की आमद ! मरहबा !रसूल की आमद ! मरहबा !मक़्बूल की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !पुर-नूर की आमद ! मरहबा !बशीर की आमद ! मरहबा !नज़ीर की आमद ! मरहबा !अव्वल की आमद ! मरहबा !आख़िर की आमद ! मरहबा !बातिन की आमद ! मरहबा !ज़ाहिर की आमद ! मरहबा !

हो बख़्शिश मेरी सारी उम्मत की, या रब !ज़बाँ से ये उन की अदा हो रहा है

रब्बी हब ली उम्मती कहते हुए पैदा हुएहक़ ने फ़रमाया कि बख़्शा, अस्सलातु व-स्सलाम

हो बख़्शिश मेरी सारी उम्मत की, या रब !ज़बाँ से ये उन की अदा हो रहा है

ये जश्न-ए-हबीब-ए-ख़ुदा हो रहा हैये मीलाद-ए-ख़ैर-उल-वरा हो रहा है

आ गए सरकार ! झूमो !नबियों के सरदार ! झूमो !दो जग के मुख़्तार ! झूमो !हैं सब के ग़म-ख़्वार ! झूमो !

न क्यूँ आज झूमें कि सरकार आएख़ुदा की ख़ुदाई के मुख़्तार आए

मुबारक तुम्हें, ग़म के मारो ! मुबारकमदावा-ए-ग़म बन के ग़म-ख़्वार आए

सुवाल अपनी उम्मत की बख़्शिश का करतेवो हम 'आसियों के तरफ़-दार आए

यतीमों के वाली, ग़रीबों के हामीवो आफ़त-ज़दों के मददगार आए

विलादत का सदक़ा, गुनाहों से नफ़रतहो, अच्छाइयों पर मुझे प्यार आए

विलादत का सदक़ा हमें अपना ग़म दोशहा ! चश्म-ए-नम के तलबगार आए

विलादत का सदक़ा, पड़ोसी बनानाशहा ! ख़ुल्द में जब ये बद-कार आए

विलादत का सदक़ा, शहा ! ज़िंदगी भरमदीने में हर साल 'अत्तार आए

आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !आ'ला की आमद ! मरहबा !बाला की आमद ! मरहबा !औला की आमद ! मरहबा !वाला की आमद ! मरहबा !रसूल की आमद ! मरहबा !मक़्बूल की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !पुर-नूर की आमद ! मरहबा !बशीर की आमद ! मरहबा !नज़ीर की आमद ! मरहबा !अव्वल की आमद ! मरहबा !आख़िर की आमद ! मरहबा !बातिन की आमद ! मरहबा !ज़ाहिर की आमद ! मरहबा !

ये नूरानी सूरत दुह़ाहा के जल्वेतो वल्लैल गेसू नुमा हो रहा है

है होंटों पे क़ुर्बान रा'नाई-ए-गुलतबस्सुम पे बुलबुल फ़िदा हो रहा है

ये जश्न-ए-हबीब-ए-ख़ुदा हो रहा हैये मीलाद-ए-ख़ैर-उल-वरा हो रहा है

ये कहती थी घर घर में जा कर हलीमामेरे घर में ख़ैर-उल-वरा आ गए हैंबड़े औज पर है मेरा अब मुक़द्दरमेरे घर हबीब-ए-ख़ुदा आ गए हैं

उठी चार-सू रहमतों की घटाएँमु'अत्तर मु'अत्तर हैं सारी फ़ज़ाएँख़ुशी में ये जिब्रील नग़्मे सुनाएँवो शाफ़े'-ए-रोज़-ए-जज़ा आ गए हैं

ये ज़ुल्मत से कह दो कि डेरे उठा लेकि हैं हर तरफ़ अब उजाले उजालेकहा जिन को हक़ ने सिराज-म्मुनीरामेरे घर वो नूर-ए-ख़ुदा आ गए हैं

ये सुन कर सख़ी आप का आस्तानाहै दामन पसारे हुए सब ज़मानाविलादत का सदक़ा, निगाह-ए-करम होतेरे दर पे तेरे गदा आ गए हैं

ये जश्न-ए-हबीब-ए-ख़ुदा हो रहा हैये मीलाद-ए-ख़ैर-उल-वरा हो रहा है

ज़माने के ग़म भूल जाते हैं उस कोतेरे दर जो हाज़िर गदा हो रहा है

गुमा दे तू फ़ानी को अपनी विला मेंये दुनिया के ग़म में फ़ना हो रहा है

ये जश्न-ए-हबीब-ए-ख़ुदा हो रहा हैये मीलाद-ए-ख़ैर-उल-वरा हो रहा है

आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !आ'ला की आमद ! मरहबा !बाला की आमद ! मरहबा !औला की आमद ! मरहबा !वाला की आमद ! मरहबा !रसूल की आमद ! मरहबा !मक़्बूल की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !पुर-नूर की आमद ! मरहबा !बशीर की आमद ! मरहबा !नज़ीर की आमद ! मरहबा !अव्वल की आमद ! मरहबा !आख़िर की आमद ! मरहबा !बातिन की आमद ! मरहबा !ज़ाहिर की आमद ! मरहबा !

आ गए सरकार ! झूमो !नबियों के सरदार ! झूमो !दो जग के मुख़्तार ! झूमो !हैं सब के ग़म-ख़्वार ! झूमो !

ये जश्न-ए-हबीब-ए-ख़ुदा हो रहा हैये मीलाद-ए-ख़ैर-उल-वरा हो रहा है

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