नात लिरिक्स

Marhaba Madani Channel Ki Kya Shaan Hai | Dekhte Rahiye Madani Channel

मरहबा मदनी चैनल की क्या शान है | देखते रहिये मदनी चैनल

नात ख़्वान: अश्फ़ाक़ अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मदनी चैनल ! मदनी चैनल !देखते रहिये, मदनी चैनल !

मरहबा ! मदनी चैनल की क्या शान हैसारे जग में रवाँ इस का फ़ैज़ान है

मरहबा ! मदनी चैनल की क्या शान है

मदनी चैनल ! मदनी चैनल !देखते रहिये, मदनी चैनल !

उल्फ़त-ए-मुस्तफ़ा और ख़ौफ़-ए-ख़ुदामदनी चैनल पे बटता ये फ़ैज़ान है

क्यूँ न फूले-फले, क्यूँ न आगे बढ़ेरहमत-ए-मुस्तफ़ा इस पे हर आन है

मरहबा ! मदनी चैनल की क्या शान है

मदनी चैनल ! मदनी चैनल !देखते रहिये, मदनी चैनल !

मस्लक-ए-आ'ला-हज़रत पे क़ाइम है येसुन्नियत की ये मौजूदा पहचान है

क्यूँ न धूमें ज़माने में इस की मचेंये तो फ़ैज़ान-ए-अहमद-रज़ा-ख़ान है

मरहबा ! मदनी चैनल की क्या शान है

मदनी चैनल ! मदनी चैनल !देखते रहिये, मदनी चैनल !

बच्चों, बूढ़ों, बड़ों, औरतों के लिएफ़ैज़-ए-आक़ा है ये फ़ज़्ल-ए-रहमान है

किस बुलंदी पे है इस का मीनार-ए-'अज़्मसोच कर 'अक़्ल बातिल की हैरान है

मरहबा ! मदनी चैनल की क्या शान है

मदनी चैनल ! मदनी चैनल !देखते रहिये, मदनी चैनल !

शादमाँ सुन्नियत है मगर देखिएमदनी चैनल से शैताँ परेशान है

दूध का दूध, पानी का पानी करेमदनी चैनल सदाक़त का मीज़ान है

मरहबा ! मदनी चैनल की क्या शान है

मदनी चैनल ! मदनी चैनल !देखते रहिये, मदनी चैनल !

रात-दिन ज़िक्र-ए-मौला से मा'मूर हैकभी ना'तें, कभी नूर-ए-क़ुरआन है

वक़्त की ये ज़रुरत है, अर्फ़क़ मियाँ !जो मुख़ालिफ़ है इस का वो नादान है

मरहबा ! मदनी चैनल की क्या शान है

मदनी चैनल ! मदनी चैनल !देखते रहिये, मदनी चैनल !

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