नात लिरिक्स

Khushiyan Manaen Ahl-e-Sunnat Yaum-e-Dawat-e-Islami Hai

ख़ुशियाँ मनाएँ अहल-ए-सुन्नत यौम-ए-दावत-ए-इस्लामी है

नात ख़्वान: अश्फ़ाक़ अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ख़ुशियाँ मनाएँ अहल-ए-सुन्नत, यौम-ए-दा'वत-ए-इस्लामी हैख़ूब करें इज़हार-ए-ने'मत, यौम-ए-दा'वत-ए-इस्लामी है

दा'वत-ए-इस्लामी में है बढ़ता 'इश्क़ नबी का, ख़ौफ़ ख़ुदा काबढ़ती है नेकी की रग़बत, यौम-ए-दा'वत-ए-इस्लामी है

फ़ज़्ल-ए-ख़ुदा-ए-रब्बुल-'इज़्ज़त है और लुत्फ़-ए-माह-ए-रिसालतहम को मिली इस्लाह की दौलत, यौम-ए-दा'वत-ए-इस्लामी है

झूट से, ग़ीबत से, चुग़ली से कर ले तौबा सू-ए-ज़न सेछोड़ बुराई की हर 'आदत, यौम-ए-दा'वत-ए-इस्लामी है

आओ, गुनहगारो ! आ जाओ, तौबा कर लो, मत घबराओहो जाएगी रब की रहमत, यौम-ए-दा'वत-ए-इस्लामी है

छोड़ो ना-फ़रमानियाँ छोड़ो, नेक आ'माल से रिश्ता जोड़ोरहमत से पाओगे जन्नत, यौम-ए-दा'वत-ए-इस्लामी है

पाँचों वक़्त नमाज़ें पढ़ना, तुम रमज़ाँ के रोज़े रखनाकरना रब की ख़ूब 'इबादत, यौम-ए-दा'वत-ए-इस्लामी है

ऐ इस्लामी भाईओ-बहनो ! चुस्त बनो, सुस्ती को भगाओघर घर दो नेकी की दा'वत, यौम-ए-दा'वत-ए-इस्लामी है

फ़रमाई अल्लाह ने रहमत, की तुझ को, 'अत्तार ! 'इनायतदा'वत-ए-इस्लामी की ने'मत, यौम-ए-दा'वत-ए-इस्लामी है

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