नात लिरिक्स

Hain Saf-aara Sab Hoor-o-Malak Aur Ghilman Khuld Sajate Hain | Qaseeda-e-Meraj

हैं सफ़-आरा सब हूर-ओ-मलक और ग़िलमाँ ख़ुल्द सजाते हैं | क़सीदा-ए-मेराज

नात ख़्वान: अश्फ़ाक़ अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हैं सफ़-आरा सब हूर-ओ-मलक और ग़िलमाँ ख़ुल्द सजाते हैंइक धूम है 'अर्श-ए-आ'ज़म पर, मेहमान ख़ुदा के आते हैं

है आज फ़लक रौशन रौशन, हैं तारे भी जगमग जगमगमहबूब ख़ुदा के आते हैं, महबूब ख़ुदा के आते हैं

जिब्रील-ए-अमीन बुराक़ लिए जन्नत से ज़मीं पर आ पहुँचेबारात फ़िरिश्तों की आई, मे'राज को दूल्हा जाते हैं

दीवानो ! तसव्वुर में देखो ! असरा के दूल्हा का जल्वाझुरमुट में मलाइक ले कर उन्हें मे'राज का दूल्हा बनाते हैं

अक़्सा में सुवारी जब पहुँची, जिब्रील ने बढ़ के कही तकबीरनबियों की इमामत अब बढ़ कर सुल्तान-ए-जहाँ फ़रमाते हैं

वो कैसा हसीं मंज़र होगा ! जब दूल्हा बना सरवर होगा'उश्शाक़ तसव्वुर कर कर के बस रोते ही रह जाते हैं

ये शाह ने पाई स'आदत है, ख़ालिक़ ने 'अता की ज़ियारत हैजब एक तजल्ली पड़ती है, मूसा तो ग़श खा जाते हैं

मे'राज की शब तो याद रखा, फिर हश्र में कैसे भूलेंगे'अत्तार ! इसी उम्मीद पे हम दिन अपने गुज़ारे जाते हैं

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