नात लिरिक्स

Mujh Ko Attar Sa Rehnuma Mil Gaya

मुझ को अत्तार सा रहनुमा मिल गया

नात ख़्वान: अश्फ़ाक़ अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मिल गया मिल गया, रहनुमा मिल गयामिल गया मिल गया, रहनुमा मिल गया

मुझ को 'अत्तार सा रहनुमा मिल गयामुझ को 'अत्तार सा रहनुमा मिल गया

सख़्त तूफ़ान में ना-ख़ुदा मिल गयाराह अँधेर है और दिया मिल गयामुक़्तदा मिल गया, पेशवा मिल गयामुझ को 'अत्तार सा रहनुमा मिल गया

दिलरुबा जा-नशीं, दिल है 'अर्श-ए-बरींजब से तू है मकीं, मुझ पे रम्ज़ें खुलींवो जमील-ओ-हसीं, हर अदा दिल-नशींनाज़नीं, मह-जबीं, ख़ुश-अदा मिल गया

मुझ को 'अत्तार सा रहनुमा मिल गयामुझ को 'अत्तार सा रहनुमा मिल गया

राह-ए-उल्फ़त में नाज़-ओ-अदा की क़सममंज़िलों की क़सम, नक़्श-ए-पा की क़समबुलबुल-ए-नीम-जाँ की सदा की क़समपीर-ए-कामिल मिला तो ख़ुदा मिल गया

मुझ को 'अत्तार सा रहनुमा मिल गयामुझ को 'अत्तार सा रहनुमा मिल गया

बज़्म-ए-उल्फ़त के अब्वाब वा हो गएज़ेहन-ओ-क़ल्ब-ओ-जिगर पारसा हो गएकर के तौबा ये हम क्या से क्या हो गएमरहबा क़ादरी सिलसिला मिल गया

मुझ को 'अत्तार सा रहनुमा मिल गयामुझ को 'अत्तार सा रहनुमा मिल गया

आप को पा के पाया है अहमद रज़ामिल गई निस्बत-ए-पाक-ए-ग़ौस-उल-वरासर पे हर वक़्त है साया-ए-मुस्तफ़ावास्ते आप के क्या से क्या मिल गया

मुझ को 'अत्तार सा रहनुमा मिल गयामुझ को 'अत्तार सा रहनुमा मिल गया

रहमतों की घटा चार-सू है मेरेदिल में जल्वा-नुमा रू-ब-रू है मेरेचेहरा-ए-पुर-ज़िया दू-बदू है मेरेआज मुझ को मेरा दिलरुबा मिल गया

मुझ को 'अत्तार सा रहनुमा मिल गयामुझ को 'अत्तार सा रहनुमा मिल गया

शहरयार उन से ग़ुफ़्त-ओ-शुनीद हो गईदीद-ए-मुर्शिद की हासिल नवीद हो गईताज़गी रूह की और मज़ीद हो गईमुझ को अपनी बक़ा का पता मिल गया

मुझ को 'अत्तार सा रहनुमा मिल गयामुझ को 'अत्तार सा रहनुमा मिल गया

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