नात लिरिक्स

Ya Rab Meri Soi Hui Taqdeer Jaga De | Aankhen Mujhe Di Hain To Madina Bhi Dikha De

या रब मेरी सोई हुई तक़दीर जगा दे | आँखें मुझे दी हैं तो मदीना भी दिखा दे

नात ख़्वान: फ़रहान अली क़ादरीशायर: इशरत गोधरवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या रब ! मेरी सोई हुई तक़दीर जगा देआँखें मुझे दी हैं तो मदीना भी दिखा दे

सुनने की जो क़ुव्वत मुझे बख़्शी है, ख़ुदावंद !फिर मस्जिद-ए-नबवी की अज़ानें भी सुना दे

हूरों की न ग़िल्माँ की न जन्नत की तलब हैमदफ़न मेरा सरकार की बस्ती में बना दे

मुद्दत से मैं इन हाथों से करता हूँ दु'आएँइन हाथों में अब जाली सुनहरी वो थमा दे

मुँह हश्र में मुझ को न छुपाना पड़े, या रब !मुझ को तेरे महबूब की चादर में छुपा दे

'इशरत को भी अब ख़ुश्बू-ए-हस्सान 'अता करजो लफ़्ज़ कहे हैं उन्हें तू ना'त बना दे

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