या ख़ुदा ! मेरे मुर्शिद को आबाद रखइन के सारे क़बीले को भी शाद रख
या ख़ुदा ! मेरे मुर्शिद को आबाद रख
जारी-सारी रहे इन का फ़ैज़-ओ-करमइन के सदक़े हमारा भी दिल शाद रख
या ख़ुदा ! मेरे मुर्शिद को आबाद रखइन के सारे क़बीले को भी शाद रख
या ख़ुदा ! मेरे मुर्शिद को आबाद रख
इन के घर-बार को, इन के हर यार कोसब ग़मों से हमेशा तू आज़ाद रख
या ख़ुदा ! मेरे मुर्शिद को आबाद रखइन के सारे क़बीले को भी शाद रख
या ख़ुदा ! मेरे मुर्शिद को आबाद रख
ये उबैद-ए-रज़ा, ये बिलाल-ए-रज़ादोनों शहज़ादों को शाद-ओ-आबाद रख
या ख़ुदा ! मेरे मुर्शिद को आबाद रखइन के सारे क़बीले को भी शाद रख
या ख़ुदा ! मेरे मुर्शिद को आबाद रख
अल-मदद, अल-मदद, अल-मदद, मुर्शिदी !तू, मुनव्वर ! लबों पे ये फ़रियाद रख
या ख़ुदा ! मेरे मुर्शिद को आबाद रखइन के सारे क़बीले को भी शाद रख
या ख़ुदा ! मेरे मुर्शिद को आबाद रख
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