नात लिरिक्स

Karam Hai Mujh Pe Maula Ka Hussaini Hun Hussaini Hun

करम है मुझ पे मौला का हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

नात ख़्वान: इमरान शैख़ अत्तारीशायर: अल्लामा राशिदउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

शाह अस्त हुसैन, बादशाह अस्त हुसैनदीं अस्त हुसैन, दीं-पनाह अस्त हुसैनसर दाद, न दाद दस्त दर दस्त-ए-यज़ीदहक़्क़ा कि बिनाए ला इलाह अस्त हुसैन

करम है मुझ पे मौला का, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँज़रा देखो मेरा रुत्बा, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

मुझे मरना तो है मंज़ूर लेकिन मैं यज़ीदी कोकभी भी हाथ ना दूँगा, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

करम है मुझ पे मौला का, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँज़रा देखो मेरा रुत्बा, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

यही बोली है सब दाताओं, सब ख़्वाजाओं की प्यारीयही हर ग़ौस भी बोला, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

करम है मुझ पे मौला का, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँज़रा देखो मेरा रुत्बा, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

क़ियामत तक रहेगा मेरा झगड़ा हर यज़ीदी सेकरूँगा सब को मैं सीधा, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

करम है मुझ पे मौला का, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँज़रा देखो मेरा रुत्बा, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

तू झूटा है जो दिल में बुग़्ज़ रखता है सहाबा कामैं वासिफ़ हूँ, मैं ही सच्चा हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

करम है मुझ पे मौला का, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँज़रा देखो मेरा रुत्बा, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

इलाही ! सामने हों उस घड़ी हसनैन के नानालगे जब मौत का झटका, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

करम है मुझ पे मौला का, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँज़रा देखो मेरा रुत्बा, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

मुझे बढ़ कर लगाया अपने सीने से नकीरों नेमेरे मुँह से जो ये निकला, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

करम है मुझ पे मौला का, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँज़रा देखो मेरा रुत्बा, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

लगूँगा पार मैं पुल से, यक़ीं है मुझ को, ऐ राशिद !सदा जब ये लगाऊँगा, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

करम है मुझ पे मौला का, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँज़रा देखो मेरा रुत्बा, हुसैनी हूँ हुसैनी हूँ

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