नात लिरिक्स

Main Khwaja Ka Deewana

मैं ख़्वाजा का दीवाना

नात ख़्वान: इमरान शैख़ अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

चराग़-ए-चिश्त शह-ए-औलिया ग़रीब नवाज़ !मेरे हुज़ूर मेरे पेशवा ग़रीब नवाज़ !

मैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवानामैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवाना

ऐ गर्दिश-ए-ज़माना ! मेरे सामने न आना

मैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवानामैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवाना

आल-ए-रसूल-ए-पाक हैं, मौला 'अली के प्यारेहसनैन के हैं दिलबर, दुखियों के हैं सहारेजिस को यक़ीं न आए, दिल से उन्हें पुकारेआता है उन को सब की बिगड़ी हुई बनाना

मैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवानामैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवाना

ऐ गर्दिश-ए-ज़माना ! मेरे सामने न आना

मैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवानामैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवाना

मशहूर है जहाँ में अजमेर जिन के दम सेमिलती है सिलसिले की निस्बत शह-ए-उमम सेतब्लीग़-ए-दीन यूँ की अल्लाह के करम सेख़ल्क़-ए-ख़ुदा ने पाया ईमान का ख़ज़ाना

मैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवानामैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवाना

ऐ गर्दिश-ए-ज़माना ! मेरे सामने न आना

मैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवानामैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवाना

देखा है जब से मैं ने तेरा दयार, ख़्वाजा !हर लम्हा ज़िंदगी का है ख़ुशगवार, ख़्वाजा !बरकाती, रज़वी, नूरी और अशरफ़ी चमन केफूलों का हुस्न तुम हो, तुम ही का मैं दीवाना

मैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवानामैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवाना

ऐ गर्दिश-ए-ज़माना ! मेरे सामने न आना

मैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवानामैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवाना

उस शम'अ का उजाला नज़दीक-ओ-दूर फैलाइस्लाम का, मुनव्वर ! हर सम्त नूर फैलाजिस का भी ख़ाली दामन पेश-ए-हुज़ूर फैलादामन में उस ने पाया कौनैन का ख़ज़ाना

मैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवानामैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवाना

ऐ गर्दिश-ए-ज़माना ! मेरे सामने न आना

मैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवानामैं ख़्वाजा का दीवाना, मैं ख़्वाजा का दीवाना

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