नात लिरिक्स

Wo Ghaus Piya Ghaus Piya Ghaus Piya Hain | Wo Ghous Piya Ghous Piya Ghous Piya Hain

वो ग़ौस पिया ग़ौस पिया ग़ौस पिया हैं

नात ख़्वान: मुहम्मद हस्सान रज़ा क़ादरीशायर: अदनान अक्सउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

वो ग़ौस पिया, ग़ौस पिया, ग़ौस पिया हैंवो ग़ौस पिया, ग़ौस पिया, ग़ौस पिया हैं

जो आल-ए-नबी, इब्न-ए-'अली शेर-ए-ख़ुदा हैंनूर-ए-हसन-हुसैन की वो एक ज़िया हैंवलियों के जो ता-हश्र बने राहनुमा हैंवो ग़ौस पिया, ग़ौस पिया, ग़ौस पिया हैं

शाह-ए-जीलाँ ! शाह-ए-जीलाँ !शाह-ए-जीलाँ ! शाह-ए-जीलाँ !

जो लाडले ज़हरा के हैं जो लाल 'अली केगर्दन पे क़दम जिन का है हर एक वली केवो शान से बग़दाद में जो जल्वा-नुमा हैंवो ग़ौस पिया, ग़ौस पिया, ग़ौस पिया हैं

मीराँ ! मीराँ ! मीराँ ! मीराँ !

जो नव्वे लाख कर के मुसलमान गए हैंजिन की सख़ावतों के हुए चर्चे बड़े हैंवो हिन्द के ख़्वाजा पिया भी जिन के गदा हैंवो ग़ौस पिया, ग़ौस पिया, ग़ौस पिया हैं

या ग़ौस पिया ! या ग़ौस पिया !या ग़ौस पिया ! या ग़ौस पिया !

है काम जिन का दीन-ए-पयम्बर को जिलानाजिन को मुहय्युद्दीन कहे सारा ज़मानाजो वारिस-ए-दीं, वारिस-ए-महबूब-ए-ख़ुदा हैंवो ग़ौस पिया, ग़ौस पिया, ग़ौस पिया हैं

शाह-ए-जीलाँ ! शाह-ए-जीलाँ !शाह-ए-जीलाँ ! शाह-ए-जीलाँ !

हैं साहिब-ए-कमाल बड़े पीर हमारेबे-मिस्ल, बे-मिसाल बड़े पीर हमारेऐ 'अक्स ! जो वलियों में हुए सब से जुदा हैंवो ग़ौस पिया, ग़ौस पिया, ग़ौस पिया हैं

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