नात लिरिक्स

Waah Kya Shaan Hai Ai Taaj-e-Sharee'at Teri

वाह क्या शान है ए ताज-ए-शरी'अत तेरी

नात ख़्वान: ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरीशायर: मुहम्मद 'आसिम-उल-क़ादरी मुरादाबादीउपलब्ध: हिंदी

वाह ! क्या शान है, ए ताज-ए-शरी'अत ! तेरीऊँचे ऊँचों की ज़ुबाँ पर भी है मिदहत तेरी

सुन्नत-ए-सरवर-ए-'आलम पे 'अमल था तेरा'इश्क़-ए-सरकार से मा'मूर थी सीरत तेरी

हज़रत-ए-मुफ़्ती-ए-आ'ज़म की करामत तू हैफिर न क्यूँ हिन्द में हर सम्त हो शोहरत तेरी

दिल को दीवाना बनाए तेरा शीरीं-लहजाआँख भर आती है सुन कर के ख़िताबत तेरी

अल्लाह अल्लाह ! मेरे पीर ! तेरा हुस्न-ओ-जमालआज भी नक़्श मेरे दिल पे है सूरत तेरी

देख कर तेरी झलक दिल को सुकूँ मिलता थादिल पे बिजली सी गिरी जब हुई रेहलत तेरी

जा-नशीं मुफ़्ती-ए-आ'ज़म ने बनाया अपनादेख कर 'इल्म-ओ-'अमल और शराफ़त तेरी

फ़ज़्ल-ए-रब से तेरे दीवानों को हो जाती हैतेरे शहज़ादे की सूरत में ज़ियारत तेरी

काश ! 'आसिम के भी हालात पे हो जाए कभीए सख़ी इब्न-ए सख़ी ! नज़र-ए-'इनायत तेरी

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