नात लिरिक्स

Wah Kya Jood-o-Karam Hai Shah-e-Batha Tera

वाह क्या जूद-ओ-करम है शह-ए-बतहा तेरा

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: इमाम अहमद रज़ा ख़ानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

वाह क्या जूद-ओ-करम है, शह-ए-बतहा ! तेरानहीं सुनता ही नहीं माँगने वाला तेरा

धारे चलते हैं 'अता के वो है क़तरा तेरातारे खिलते हैं सख़ा के वो है ज़र्रा तेरा

फ़ैज़ है, या शह-ए-तसनीम ! निराला तेराआप प्यासों के तजस्सुस में है दरिया तेरा

अग़्निया पलते हैं दर से वो है बाड़ा तेराअस्फ़िया चलते हैं सर से वो है रस्ता तेरा

फ़र्श वाले तेरी शौकत का 'उलू क्या जानेंख़ुसरवा ! 'अर्श पे उड़ता है फरेरा तेरा

आस्माँ ख़्वान, ज़मीं ख़्वान, ज़माना मेहमानसाहिब-ए-ख़ाना लक़ब किस का है तेरा तेरा

मैं तो मालिक ही कहूँगा कि हो मालिक के हबीबया'नी महबूब-ओ-मुहिब में नहीं मेरा तेरा

तेरे क़दमों में जो हैं ग़ैर का मुँह क्या देखेंकौन नज़रों पे चढ़े देख के तल्वा तेरा

बहर-ए-साइल का हूँ साइल न कुँएँ का प्यासाख़ुद बुझा जाए कलेजा मेरा छींटा तेरा

चोर हाकिम से छुपा करते हैं याँ इस के ख़िलाफ़तेरे दामन में छुपे चोर अनोखा तेरा

आँखें ठंडी हों, जिगर ताज़े हों, जानें सैराबसच्चे सूरज वो दिल-आरा है उजाला तेरा

दिल 'अबस ख़ौफ़ से पत्ता-सा उड़ा जाता हैपल्ला हलका सही भारी है भरोसा तेरा

एक मैं क्या मेरे 'इस्याँ की हक़ीक़त कितनीमुझ से सौ-लाख को काफ़ी है इशारा तेरा

मुफ़्त पाला था कभी काम की 'आदत न पड़ीअब 'अमल पूछते हैं हाए निकम्मा तेरा

तेरे टुकड़ों से पले ग़ैर की ठोकर पे न डालझिड़कियाँ खाएँ कहाँ छोड़ के सदक़ा तेरा

ख़्वार-ओ-बीमार-ओ-ख़तावार-ओ-गुनहगार हूँ मैंराफ़े'-ओ-नाफे़'-ओ-शाफे़' लक़ब, आक़ा ! तेरा

मेरी तक़दीर बुरी हो तो भली कर दे, कि हैमहव-ओ-इस्बात के दफ़्तर पे कड़ोड़ा तेरा

तू जो चाहे तो अभी मैल मेरे दिल के धुलेंकि ख़ुदा दिल नहीं करता कभी मैला तेरा

किस का मुँह तकिए, कहाँ जाइए, किस से कहिएतेरे ही क़दमों पे मिट जाए ये पाला तेरा

तू ने इस्लाम दिया, तू ने जमा'अत में लियातू करीम अब कोई फिरता है 'अतिय्या तेरा

मौत सुनता हूँ सितम तल्ख़ है ज़हराबा-ए-नाबकौन ला दे मुझे तल्वों का ग़साला तेरा

दूर क्या जानिए बद-कार पे कैसी गुज़रेतेरे ही दर पे मरे बेकस-ओ-तन्हा तेरा

तेरे सदक़े मुझे इक बूँद बहुत है तेरीजिस दिन अच्छों को मिले जाम छलकता तेरा

हरम-ओ-तयबा-ओ-बग़दाद जिधर कीजे निगाहजोत पड़ती है तेरी, नूर है छनता तेरा

तेरी सरकार में लाता है रज़ा उस को शफ़ी'जो मेरा ग़ौस है और लाडला बेटा तेरा

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