नात लिरिक्स

Un Ke Jalwon Ki Jhalak Se Jo Ujaale Honge

उन के जल्वों की झलक से जो उजाले होंगे

नात ख़्वान: सय्यिद मो'इनुद्दीन चिस्तीशायर: क़ारी रिज़वान ख़ानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

उन के जल्वों की झलक से जो उजाले होंगेवो हसीं लम्हे बड़े देखने वाले होंगे

कौन कहता है मेरी क़ब्र अँधेरी होगीरुख़-ए-अनवर से लहद में भी उजाले होंगे

उन के जल्वों की झलक से जो उजाले होंगेवो हसीं लम्हे बड़े देखने वाले होंगे

प्यास महशर की भला हम को सताए क्यूँ-करउन के हाथों में जो कौसर के पियाले होंगे

उन के जल्वों की झलक से जो उजाले होंगेवो हसीं लम्हे बड़े देखने वाले होंगे

वज्द करते हुए हम पुल से गुज़र जाएँगेक्यूँकि सरकार मेरे हम को सँभाले होंगे

उन के जल्वों की झलक से जो उजाले होंगेवो हसीं लम्हे बड़े देखने वाले होंगे

ज़हमतें हश्र की हरगिज़ न क़रीब आएँगीहम तो सरकार की रहमत के हवाले होंगे

उन के जल्वों की झलक से जो उजाले होंगेवो हसीं लम्हे बड़े देखने वाले होंगे

काश ! रिज़वान को भी सदक़ा-ए-हस्सान मिलेफिर तो मिदहत के भी अंदाज़ निराले होंगे

उन के जल्वों की झलक से जो उजाले होंगेवो हसीं लम्हे बड़े देखने वाले होंगे

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