नात लिरिक्स

Tum Par Laakhon Salaam Aaqa, Tum Par Laakhon Salaam Aaqa

तुम पर लाखों सलाम आक़ा, तुम पर लाखों सलाम आक़ा

नात ख़्वान: क़ारी ख़लील अत्तारीशायर: मुस्तफ़ा रज़ा ख़ान क़ादरी नूरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !

सब से आ'ला 'इज़्ज़त वाले ! ग़लबा-ओ-क़हर-ओ-ताक़त वाले !हुरमत वाले ! करामत वाले ! तुम पर लाखों सलाम

तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !

आप का चाहा रब का चाहा, रब का चाहा आप का चाहारब से ऐसी चाहत वाले ! तुम पर लाखों सलाम

तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !

रब के प्यारे ! राज-दुलारे ! हम हैं तुम्हारे, तुम हो हमारेए दामान-ए-रहमत वाले ! तुम पर लाखों सलाम

तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !

'अर्श-ए-'उला पर रब ने बुलाया, अपना जल्वा-ए-ख़ास दिखायाख़ल्वत वाले ! जल्वत वाले ! तुम पर लाखों सलाम

तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !

तख़्त तुम्हारा 'अर्श ख़ुदा का, मुल्क-ए-ख़ुदा है मुल्क तुम्हारारब की आ'ला ख़िलाफ़त वाले ! तुम पर लाखों सलाम

तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !

दे दिए तुम को अपने ख़ज़ाने, रब्ब-ए-'इज़्ज़त रब्ब-ए-'उला नेदोनों जहाँ की ने'मत वाले ! तुम पर लाखों सलाम

तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !

तुम को देखा हक़ को देखा, आप की सूरत उस का जल्वाअच्छी अच्छी सूरत वाले ! तुम पर लाखों सलाम

तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !

सूरत-ए-अक़दस से हक़ ज़ाहिर, कलिमा पढ़ते देख के काफ़िरए हक़्क़ानी सूरत वाले ! तुम पर लाखों सलाम

तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !

चश्म-ए-सर ने हक़ को देखा, दिल ने हक़ को हक़ ही जानाए हक़्क़ानी सूरत वाले ! तुम पर लाखों सलाम

तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !

आप का साया कैसे होता, आप हैं नूर-ए-हक़ का सायाज़िल्ल-ए-रहमत तल'अत वाले ! तुम पर लाखों सलाम

तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !

आप का दम है फ़र्श की ज़ीनत और क़दम है 'अर्श की ज़ीनतहुस्न-ओ-जमाल-ओ-लताफ़त वाले ! तुम पर लाखों सलाम

तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !, तुम पर लाखों सलाम, आक़ा !

ख़्वाब में जल्वा अपना दिखाओ, नूरी को तुम नूरी बनाओए चमकीली रंगत वाले ! तुम पर लाखों सलाम

तुम पर लाखों सलाम आक़ा, तुम पर लाखों सलाम आक़ातुम पर लाखों सलाम आक़ा, तुम पर लाखों सलाम आक़ा

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