नात लिरिक्स

Tum Ne Shah-e-Jilan Mujhe Baghdad Bulaya

तुम ने शह-ए-जीलाँ मुझे बग़दाद बुलाया

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

तुम ने, शह-ए-जीलाँ ! मुझे बग़दाद बुलायायूँ मेरे मुक़द्दर को, शहा ! तुम ने जगाया

देखूँ तेरा दरबार, मेरी थी ये तमन्नामुद्दत का, मेरे दिल का ये अरमान बर आया

हाँ हाँ तुम्हें मा'लूम है क्या चाहिए मुझ कोया ग़ौस ! करम कर, मैं बड़ी दूर से आया

टुकड़ों से तेरे दर के, शहा ! पलती है दुनियामालिक तेरे जद को तेरे अल्लाह ने बनाया

हो शुक्र अदा कैसे तुम्हारा, शह-ए-जीलाँ !मुझ पापी को दरबार का दीदार कराया

हर आरज़ू बर आए 'उबैद-ए-रज़वी कीये 'अर्ज़ लिये, आक़ा ! कराची से मैं आया

नज़रों में सदा रखना 'उबैद-ए-रज़वी कोमीराँ ! हो मेरे सर पे हमेशा तेरा साया

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