नात लिरिक्स

Thandi Thandi Hawa Madine Ki | Mehki Mehki Faza Madine Ki

ठंडी ठंडी हवा मदीने की | महकी महकी फ़ज़ा मदीने की

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ठंडी ठंडी हवा मदीने कीमहकी महकी फ़ज़ा मदीने की

आरज़ू है, ख़ुदा ! मदीने कीमुझ को गलियाँ दिखा मदीने की

दिन है कैसा मुनव्वर-ओ-रौशनरात रौनक़-फ़िज़ा मदीने की

छाँव तो हर जगह की ठंडी परधूप भी वाह वा मदीने की

कैफ़-आवर है मौसिम-ए-सर्मागर्मियाँ मरहबा मदीने की

फूल तो फूल ख़ार भी दिल-कशपत्तियाँ दिल-कुशा मदीने की

है चमन तो हसीन काँटों कीझाड़ियाँ ख़ुश-नुमा मदीने की

सब्ज़-गुंबद का हुस्न क्या कहना !जालियाँ दिल-कुशा मदीने की

हर घड़ी रहमतें बरसती हैंहै मुबारक हवा मदीने की

ग़म-ज़दो ! आँख खोल के देखोछा गई है घटा मदीने की

क्यूँ हो मायूस, ऐ मरीज़ो ! तुमले लो ख़ाक-ए-शिफ़ा मदीने की

है तमन्ना बक़ी'-ए-ग़र्क़द कीभाइयो ! दो दु'आ मदीने की

जा के, 'अत्तार ! फिर मदीने मेंरहमतें लूटना मदीने में

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