नात लिरिक्स

Tere Hote Janam Liya Hota

तेरे होते जनम लिया होता

नात ख़्वान: मीलाद रज़ा क़ादरीशायर: डॉ. मुहम्मद ताहिर-उल-क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

तेरे होते जनम लिया होताफिर कभी तो तुझे मिला होता

काश ! मैं संग-ए-दर तेरा होतातेरे क़दमों को चूमता होता

तू चला करता मेरी पलकों परकाश ! मैं तेरा रास्ता होता

ज़र्रा होता जो तेरी राहों कातेरे तलवों को छू लिया होता

लड़ता फिरता मैं तेरे आ'दा सेतेरी ख़ातिर मैं मर गया होता

तेरे मस्कन के गिर्द शाम-ओ-सहरबन के मँगता मैं फिर रहा होता

तू कभी तो मुझे भी तक लेतातेरे तकने पे बिक गया होता

तू कभी तो मेरी ख़बर लेतातेरे कूचे में घर किया होता

तू जो आता मेरे जनाज़े परतेरे होते मैं मर गया होता

चाँद होता मैं आसमानों परतेरी उँगली से कट गया होता

होता ताहिर तेरे फ़क़ीरों मेंतेरी दहलीज़ पर पड़ा होता

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