नात लिरिक्स

Allah Allah Nabi Ka Gharana Ye Gharana Wara-ul-wara Hai

अल्लाह अल्लाह नबी का घराना ये घराना वरा-उल-वरा है

नात ख़्वान: मीलाद रज़ा क़ादरीशायर: अब्दुल सत्तार नियाज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अल्लाह अल्लाह नबी का घराना, ये घराना वरा-उल-वरा हैइस में हसनैन हैं, फ़ातिमा है, इस घराने में मुश्किल-कुशा है

लब पे हैं तज़्किरे पंजतन के, फूल महके हैं मेरे चमन केऐसा उन के करम ने नवाज़ा, अपनी क़िस्मत पे दिल झूमता है

उम्मती हूँ मैं शाह-ए-ज़मन का, हूँ भिकारी मैं मौला हसन कासदक़े जाऊँ मैं उन की 'अता के, देने वाले ने सब कुछ दिया है

ख़ैर से तुम ही ख़ैर-उल-वरा हो, और तुम्हीं सय्यिद-उल-अंबिया होकोई तुझ सा हुआ है न होगा, तेरे रब का यही फ़ैसला है

नाम पे तेरे सब कुछ मिला है, नाम पर तेरे सब कुछ फ़िदा हैनाम पर तेरे क़ुर्बान जाऊँ, हम ग़रीबों का तू आसरा है

मेरा भी है कोई, दुनिया वालो ! बे-सहारा मुझे तुम न समझोसाथ मेरे मेरा पेशवा है, मेरा रब है, मेरा मुस्तफ़ा है

लाज रख लो गदा-ए-करम की, भर दो भर दो मेरी ख़ाली झोलीकोई ये न कहे तेरा मँगता तेरी महफ़िल से ख़ाली गया है

का'बा-ए-'इश्क़ का हूँ नमाज़ी, मैं हूँ उन की 'इनायत पे राज़ीमेरी तुर्बत पे लिखना नियाज़ी पंजतन का ये अदना गदा है

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