नात लिरिक्स

Tera Rutba Khadija-Tul-Kubra

तेरा रुत्बा ख़दीज-तुल-कुबरा

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: डॉ. मुहम्मद हुसैन मुशाहिद रज़वीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

तेरा रुत्बा, ख़दीज-तुल-कुबरा !ख़ूब आ'ला, ख़दीज-तुल-कुबरा !

रोज़ तोशा हिरा पे ले जानावाह ! तेरा, ख़दीज-तुल-कुबरा !

सब से पहले क़ुबूल-ए-दीन कियाऐ मुसफ़्फ़ा ख़दीज-तुल-कुबरा !

वक़्फ़-ए-दीन-ए-रसूल था तेरालम्हा लम्हा, ख़दीज-तुल-कुबरा !

हर क़दम मुस्तफ़ा के साथ रहींऐ मुज़क्का ख़दीज-तुल-कुबरा !

रब ने तुम पर सलाम भेजा हैतुम हो यकता, ख़दीज-तुल-कुबरा !

'ऐन-ए-सुन्नत रहा तेरा ला-रैबहर तरीक़ा, ख़दीज-तुल-कुबरा !

मुफ़्लिसों को नवाज़ते रहनातेरा शेवा, ख़दीज-तुल-कुबरा !

तुम को जन्नत का ज़र-निगार महलरब ने बख़्शा, ख़दीज-तुल-कुबरा !

बर-लब-ए-ख़ल्क़त-ए-दो-'आलम हैतेरा चर्चा, ख़दीज-तुल-कुबरा !

पेश मिन-जानिब-ए-मुशाहिद हैये क़सीदा, ख़दीज-तुल-कुबरा !

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