नात लिरिक्स

Sheron Ke Qabeele Ki Aaghosh Ke Paale Hain

शेरों के क़बीले की आग़ोश के पाले हैं

नात ख़्वान: राओ ब्रदर्सशायर: सरदार सलीमउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जुरअत ने बातिल की यूँ नींद उड़ाई हैइक बहन के ना'रे ने दुनिया लरज़ाई है

शेरों के क़बीले की आग़ोश के पाले हैंबातिल से नहीं डरते, हम लोग जियाले हैं

अंधों को ख़बर क्या है, क्या है ये हिजाब अपनातहज़ीब के आँचल में 'अज़मत के उजाले हैं

शेरों के क़बीले की आग़ोश के पाले हैंबातिल से नहीं डरते, हम लोग जियाले हैं

मुस्कान ! तेरे जैसी हो क़ौम की हर बेटीमिल्लत के सभी सपने अब तेरे हवाले हैं

शेरों के क़बीले की आग़ोश के पाले हैंबातिल से नहीं डरते, हम लोग जियाले हैं

ग़ैरत को जगाता है पैग़ाम ओवैसी कादुश्मन का ग़ुरूर अब तो हम तोड़ने वाले हैं

शेरों के क़बीले की आग़ोश के पाले हैंबातिल से नहीं डरते, हम लोग जियाले हैं

इस बिन्त-ए-हव्वा के किरदार ने दिल जीताबातिल के झुरमुट में ललकार ने दिल जीता

हम को ये टपकती छत क्या ख़ाक डराएगीहम ने तो समंदर भी, दरिया भी खंगाले हैं

शेरों के क़बीले की आग़ोश के पाले हैंबातिल से नहीं डरते, हम लोग जियाले हैं

अश'आर, सलीम ! अपने हस्सान के लहजे मेंज़हरीले 'अनासिर को ललकारने वाले हैं

अश'आर, सलीम ! अपने 'इमरान के लहजे मेंज़हरीले 'अनासिर को ललकारने वाले हैं

शेरों के क़बीले की आग़ोश के पाले हैंबातिल से नहीं डरते, हम लोग जियाले हैं

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