नात लिरिक्स

Nabi Nabi Janam Nabi Fakhr-e-Aadam

नबी नबी जानम नबी फ़ख़्र-ए-आदम

नात ख़्वान: राओ ब्रदर्सशायर: मुदस्सिर हुसैन हुज़ूरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नबी नबी जानम, नबी फ़ख़्र-ए-आदमअहलं-व्व-सहलन मरहबा, या सय्यद-ए-'आलम !

जो नबियों में है सब से आ'ला वो ये हैहै सारे में जिन का उजाला वो ये है

अहलं-व्व-सहलन मरहबा ! अहलं-व्व-सहलन मरहबाअहलं-व्व-सहलन मरहबा ! अहलं-व्व-सहलन मरहबा

कैसा समाँ है, कैसी घड़ी हैसरवर-ए-'आलम की है विलादतरब जिसे चाहे, वो ही मनाएप्यार-ए-नबी का जश्न-ए-विलादत

या शह-ए-हर-दो-सरा ! मरहबा सद मरहबा !वारिस-ए-कौन-ओ-मकाँ ! मरहबा सद मरहबा !मालिक-ए-'अर्श-ए-'उला ! मरहबा सद मरहबा !मौला-ए-मुश्किल-कुशा ! मरहबा सद मरहबा !

नबी नबी जानम, नबी फ़ख़्र-ए-आदमअहलं-व्व-सहलन मरहबा, या सय्यद-ए-'आलम !

तेरा करम क्या कहना, तेरी 'अता क्या कहना, सय्यद-ओ-सरदार !मुहम्मद बिन 'अब्दिल्लाह ! नूरु-म्मिन नूरिल्लाह ! मालिक-ओ-मुख़्तार !

आक़ा ! आक़ा ! आक़ा ! आक़ा !

आक़ा हो तुम मेरे, मैं बंदा तुम्हारा, महशर का वसीलाआक़ा ! आक़ा ! आक़ा ! आक़ा !आमद पे तुम्हारी, क़ुदरत ने सँवारी दुनिया है ये सारीआक़ा ! आक़ा ! आक़ा ! आक़ा !

तेरा है दीवाना, सारा ये ज़मानातुम्ही हो ख़ातमुन्नबी, नबी जान-ए-जाना !

मरहबा या मुस्तफ़ा, मरहबा सल्ले-'अला !मरहबा ख़ैर-उल-वरा ! मरहबा नूर-उल-हुदा !

नबी नबी जानम, नबी फ़ख़्र-ए-आदमअहलं-व्व-सहलन मरहबा, या सय्यद-ए-'आलम !

बे-मिस्ल है तेरा चेहरा, सानी न कोई तेरा, नबियों के सुल्तान !नूर तेरा रौशन है, तू दिल की धड़कन है, तू मेरा ईमान

मौला ! मौला ! मौला ! मौला !

मौला हो सभी के, हो मौला 'अली के, हर एक वली केमौला ! मौला ! मौला ! मौला !दिलदार तुम्ही हो, सरदार तुम्ही हो, ग़म-ख़्वार तुम्ही होमौला ! मौला ! मौला ! मौला !

बेकसों के वाली ! तेरे लक़ब 'आलीरुत्बा मिला उस को बड़ा जिस पे नज़र डाली

नबी नबी जानम, नबी फ़ख़्र-ए-आदमअहलं-व्व-सहलन मरहबा, या सय्यद-ए-'आलम !

मौला ने है दिखलाया, 'अर्श-ए-'उला सजवाया, तेरे वास्तेहूर-ओ-मलक हैराँ हैं, जान-ओ-दिलम क़ुर्बां है, तेरे वास्ते

कहाँ ! कहाँ ! कहाँ ! कहाँ !

कहाँ है लन-तरानी, कहाँ है शान-ए-असरा, जल्वा है तुम्हाराकहाँ ! कहाँ ! कहाँ ! कहाँ !कहाँ है सिर्र-ए-मस्त, कहाँ है तूर-ए-सीना, कहाँ है 'अर्श-ए-'उलाकहाँ ! कहाँ ! कहाँ ! कहाँ !

हक़ ने तुझे सराहा, रुत्बा तेरा बढ़ायातेरे लिए, मेरे नबी ! हर जहाँ बनाया

मरहबा या मुस्तफ़ा, मरहबा सल्ले-'अला !मरहबा ख़ैर-उल-वरा ! मरहबा नूर-उल-हुदा

नबी नबी जानम, नबी फ़ख़्र-ए-आदमअहलं-व्व-सहलन मरहबा, या सय्यद-ए-'आलम !

मौला ! हमें मिल जाए, जीवन में ही आए तेरी ग़ुलामीनबी-वली हैं सारे, शम्स-ओ-क़मर और तारे तेरे सलामी

तेरा ! तेरा ! तेरा ! तेरा !

तेरा है ज़माना, हसनैन के नाना ! क़ुदरत का ख़ज़ानातेरा ! तेरा ! तेरा ! तेरा !सब से बड़ी सरकार, महशर के मददगार, मुदस्सिर है तलबगारतेरा ! तेरा ! तेरा ! तेरा !

टुकड़ों पे तेरे हर दम, पलते हैं दोनों 'आलमशाह-ए-जहान-ओ-कौन-ओ-मकाँ का तू शाह-ए-'आलम

नबी नबी जानम, नबी फ़ख़्र-ए-आदमअहलं-व्व-सहलन मरहबा, या सय्यद-ए-'आलम !

आप की आमद से क़बल, हर तरफ़ से दौर-ए-जहल का था अँधेराग़फ़लत में इंसाँ था, हर कोई परेशाँ था, कुफ़्र का डेरा

आया ! आया ! आया ! आया !

आया जो पयम्बर, मिटने लगा कुफ़र, मक्के की ज़मीं परआया ! आया ! आया ! आया !महबूब-ए-ख़ुदा है, दर्दों की दवा है, सरदार-ए-जहाँ हैआया ! आया ! आया ! आया !

मिलाद-ए-नबी पे हम, करते हैं ख़ुशी हर-दमकरता है ख़ुशी सारा जहाँ, इब्लीस का है ग़म

मरहबा या मुस्तफ़ा, मरहबा या सल्ले-'अला !मरहबा ख़ैर-उल-वरा ! मरहबा नूर-उल-हुदा

नबी नबी जानम, नबी फ़ख़्र-ए-आदमअहलं-व्व-सहलन मरहबा, या सय्यिद-ए-'आलम !

या शह-ए-हर-दो-सरा ! मरहबा सद मरहबा !वारिस-ए-कौन-ओ-मकाँ ! मरहबा सद मरहबा !मालिक-ए-'अर्श-ए-'उला ! मरहबा सद मरहबा !मौला-ए-मुश्किल-कुशा ! मरहबा सद मरहबा !

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