नात लिरिक्स

Shahr-e-Tayba Ka Wo Bazar Bada Pyara Hai | Shehr-e-Taiba Ka Wo Bazar Bada Pyara Hai

शहर-ए-तयबा का वो बाज़ार बड़ा प्यारा है

नात ख़्वान: ग़ुलाम ग़ौस ग़ज़ालीशायर: ग़ुलाम ग़ौस ग़ज़ालीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

शहर-ए-तयबा का वो बाज़ार बड़ा प्यारा हैहम ग़ुलामों का ख़रीदार बड़ा प्यारा है

रोज़ कहती है मदीने में उतर के जन्नतया नबी ! आप का दरबार बड़ा प्यारा है

देख कर कहते थे सिद्दीक़ को मेरे आक़ाऐ सहाबा ! ये मेरा यार बड़ा प्यारा है

यूँ तो इज़हार-ए-मोहब्बत है किया कितनो नेऐ बिलाल ! आप का इज़हार बड़ा प्यारा है

उन के गुस्ताख़ को मारा है, छपी है ये ख़बरवाक़ि'ई आज का अख़बार बड़ा प्यारा है

बँधने वाले हैं मोहब्बत के 'अमामें सर परआज का मौक़ा'-ए-दस्तार बड़ा प्यारा है

ऐ ग़ज़ाली ! जो छुपाएगा हमें महशर मेंवो वसी' दामन-ए-सरकार बड़ा प्यारा है

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