नात लिरिक्स

Shah-e-Kaunain Ke Mangte Hain Ali Wale Hain

शाह-ए-कौनैन के मँगते हैं अली वाले हैं

नात ख़्वान: सय्यिद अब्दुल क़ादिर अल-क़ादरीशायर: तफ़्सीर रज़ा अमजदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

शाह-ए-मर्दां, शेर-ए-यज़्दाँ, क़ुव्वत-ए-परवरदिगारला-फ़ता इल्ला 'अली, ला-सैफ़ इल्ला ज़ुल्फ़िक़ार

'अली मौला 'अली ! 'अली मौला 'अली !

शाह-ए-कौनैन के मँगते हैं, 'अली वाले हैंसदक़ा हसनैन का खाते हैं, 'अली वाले हैं

शाह-ए-कौनैन के मँगते हैं, 'अली वाले हैं

पढ़ के हम नाद-ए-'अली अहल-ए-जहाँ को हर-दमअपना दीवाना बनाते हैं, 'अली वाले हैं

शाह-ए-कौनैन के मँगते हैं, 'अली वाले हैं

अपनी पहचान बताते नहीं हम चारों तरफ़अपना किरदार बताते हैं, 'अली वाले हैं

बोलो 'अली 'अली ! मौला 'अली 'अली !'अली 'अली ! मौला 'अली 'अली !

ख़ामोश हैं तो दीन की पहचान 'अली हैंगर बोलें तो लगता है कि क़ुरआन 'अली हैं

क़ुरआन तो देता है हमें दा'वत-ए-ईमाँईमान ये कहता है मेरी जान 'अली हैं

बोलो 'अली 'अली ! मौला 'अली 'अली !'अली 'अली ! मौला 'अली 'अली !

'अली इमाम-ए-मन-अस्त-ओ-मनम ग़ुलाम-ए-'अलीहज़ार जान गिरामी फ़िदा ब-नाम-ए-'अली

बोलो 'अली 'अली ! मौला 'अली 'अली !'अली 'अली ! मौला 'अली 'अली !

हम ग़ज़ल, गीत के चक्कर में कभी रहते नहींना'त सरकार की पढ़ते हैं, 'अली वाले हैं

शाह-ए-कौनैन के मँगते हैं, 'अली वाले हैं

क्यूँ डरें वक़्त के मरहब से, ऐ तफ़्सीर रज़ा !हैदरी हौसला रखते हैं, 'अली वाले हैं

शाह-ए-कौनैन के मँगते हैं, 'अली वाले हैं

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