नात लिरिक्स

Shah-e-Deen Ke Nalain Uthane Ke Qabil

शह-ए-दीं के नालैन उठाने के क़ाबिल

नात ख़्वान: मुहम्मद अली फ़ैज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

शह-ए-दीं के ना'लैन उठाने के क़ाबिलकहाँ मेरा सर उस ख़ज़ाने के क़ाबिल

वो ख़ाक-ए-दयार-ए-हबीब-ए-ख़ुदा हैकहाँ मेरी आँखें लगाने के क़ाबिल

अभी वो बुला लें मुझे एक पल मेंमगर मैं कहाँ हूँ बुलाने के क़ाबिल

ख़ुदा की क़सम वो बुलाएँगे मुझ कोमैं हो जाऊँगा जब बुलाने के क़ाबिल

मेरा ज़िक्र छोड़ो, तसव्वुर भी मेरानहीं है मदीने में जाने के क़ाबिल

अगर अपने आ'माल को याद कर लूँनहीं एक पल मुस्कुराने के क़ाबिल

हूँ शहर-ए-मदीना के कुत्तो का कुत्तामैं ये भी नहीं हूँ बताने के क़ाबिल

नकीरैन बस खोल दें मेरी आँखेंनहीं उन को चेहरा दिखाने के क़ाबिल

है जावेद फिर भी मुक़द्दर पे नाज़ाँकिया रब ने ना'तें सुनाने के क़ाबिल

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