नात लिरिक्स

Aye Zahra Ke Baba Sunen Iltija Madina Bula Lijiye

ऐ ज़हरा के बाबा सुनें इल्तिजा मदीना बुला लीजिए

नात ख़्वान: मुहम्मद अली फ़ैज़ीशायर: सय्यिद शबाहत हुसैनउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ऐ ज़हरा के बाबा ! सुनें इल्तिजामदीना बुला लीजिएकहीं मर न जाए ग़ुलाम आप कामदीना बुला लीजिए

सताती है मुझ को, रुलाती है मुझ कोये दुनिया बहुत आज़माती है मुझ कोहूँ दुनिया की बातों से टूटा हुआमदीना बुला लीजिए

बड़ी बेकसी है, बड़ी बे-क़रारीन कट जाए, आक़ा ! यूँही 'उम्र सारीकहाँ ज़िंदगानी का है कुछ पतामदीना बुला लीजिए

ये एहसास है मुझ को, मैं हूँ कमीनाहुज़ूर ! आप चाहें तो आऊँ मदीनागुनाहों के दलदल में मैं हूँ फँसामदीना बुला लीजिए

मैं देखूँ वो रौज़ा, मैं देखूँ वो जालीबुला लीजे मुझ को भी, सरकार-ए-'आली !कहाँ जाए, आक़ा ! ये मँगता भलामदीना बुला लीजिए

वो रमज़ान तेरा, वो दालान तेरावो 'अज्वा, वो ज़मज़म, ये मेहमान तेरातेरे दर पे इफ़्तार का वो मज़ामदीना बुला लीजिए

जहाँ के सभी ज़र्रे शम्स-ओ-क़मर हैंजहाँ पे अबू-बक्र-ओ-'उस्माँ, 'उमर हैंजहाँ जल्वा-फ़रमा हैं हम्ज़ा चचामदीना बुला लीजिए

न इतना मैं माँ और बाबा को चाहूँतुम्हें जितना चाहूँ, किसी को न चाहूँमेरे बाल-बच्चे हों तुम पर फ़िदामदीना बुला लीजिए

हुआ है जहाँ से जहाँ ये मुनव्वरजहाँ आए जिब्रील क़ुरआन ले करमुझे देखना है वो ग़ार-ए-हिरामदीना बुला लीजिए

जिसे सब हैं कहते नक़ी ख़ाँ का बेटावो अहमद रज़ा है बरेली में लेटाउसी आ'ला हज़रत का है वास्तामदीना बुला लीजिए

'अता हो बक़ी' में ये ज़हरा का सदक़ामुझे मौत आए वहीं काश, आक़ा !पढ़ा दें वहीं पर जनाज़ा मेरामदीना बुला लीजिए

करम कर दिया है ये ख़्वाजा पिया नेजो मिस्रे' लिखे हैं शबाहत मियाँ नेकरें दरगुज़र जो हुई हो ख़तामदीना बुला लीजिए

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