नात लिरिक्स

Shaah Dulha Bana Aaj Ki Raat Hai

शाह दूल्हा बना आज की रात है

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दोनों 'आलम हैं नूरुन-'अला-नूर क्यूँकैसी रौनक़ फ़ज़ा आज की रात हैये मसर्रत है किस की मुलाक़ात की'ईद का दिन है या आज की रात है

शाह दूल्हा बना आज की रात हैशाह दूल्हा बना आज की रात है

बाग़-ए-'आलम में बाद-ए-बहारी चलीसरवर-ए-अंबिया की सवारी चलीये सवारी सू-ए-ज़ात-ए-बारी चलीअब्र-ए-रहमत उठा आज की रात है

शाह दूल्हा बना आज की रात हैशाह दूल्हा बना आज की रात है

तूर पर रिफ़'अत-ए-ला-मकानी कहाँ !लन-तरानी कहाँ ! म-र्रआनी कहाँ !जिस का साया नहीं, उस का सानी कहाँ !उस का इक मो'जिज़ा आज की रात है

शाह दूल्हा बना आज की रात हैशाह दूल्हा बना आज की रात है

ख़्वाब-ए-राहत में थे उम्म-ए-हानी के घरआ के जिब्रील ने ये सुनाई ख़बरचलिए, चलिए, शहंशाह-ए-वाला-गोहर !हक़ को शौक़-ए-लिक़ा आज की रात है

शाह दूल्हा बना आज की रात हैशाह दूल्हा बना आज की रात है

'इत्र-ए-रहमत फ़रिश्ते छिड़कते चलेजिस की ख़ुश्बू से रस्ते महकते चलेचाँद-तारे जिलो में चमकते चलेकहकशाँ ज़ेर-ए-पा आज की रात है

शाह दूल्हा बना आज की रात हैशाह दूल्हा बना आज की रात है

तूर चोटी को अपनी झुकाने लगाचाँदनी चाँद हर-सू दिखाने लगा'अर्श से फ़र्श तक झगमगाने लगारश्क-ए-सुब्ह-ए-सफ़ा आज की रात है

शाह दूल्हा बना आज की रात हैशाह दूल्हा बना आज की रात है

जज़्ब-ए-हुस्न-ए-तलब हर क़दम साथ हैदाएँ बाएँ फ़रिश्तों की बारात हैसर पे नूरानी सेहरे की क्या बात हैशाह दूल्हा बना आज की रात है

शाह दूल्हा बना आज की रात हैशाह दूल्हा बना आज की रात है

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