नात लिरिक्स

Sayyada Fatima Ka Dulara Wo Hussain Ibn-e-Haider Hamara

सय्यिदा फ़ातिमा का दुलारा वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारा

नात ख़्वान: मुबारक हुसैन मुबारकउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सय्यिदा फ़ातिमा का दुलारा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारासरवर-ए-अंबिया का है प्यारा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारा

जिस को झूला फ़रिश्ते झुलाते रहेजिस को काँधे पे नाना बिठाते रहेजो यज़ीदों का छक्का छुड़ाते रहेतीर खाते रहे, मुस्कुराते रहेजो यज़ीदों से हरगिज़ न हारा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारा

सय्यिदा फ़ातिमा का दुलारा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारासरवर-ए-अंबिया का है प्यारा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारा

अपना बाज़ू कोई आज़माने चलेकोई हुलक़ूम पे तीर खाने चलेहक़्क़-ओ-बातिल है क्या ? ये बताने चलेबहर-ए-ज़ुल्मत में घोड़ा दौड़ाने चलेलग रहा है ज़माने में ना'रा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारा

सय्यिदा फ़ातिमा का दुलारा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारासरवर-ए-अंबिया का है प्यारा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारा

मेरा शब्बीर खेला है शमशीर सेऔर शमशीर खेली है शब्बीर सेऐसे खेले हैं ज़ुल्फ़-ए-नबी से हुसैनखेलती जैसे आयत हो तफ़्सीर सेचश्म-ए-मौला-'अली का सितारा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारा

सय्यिदा फ़ातिमा का दुलारा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारासरवर-ए-अंबिया का है प्यारा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारा

बाँध कर वो कफ़न अपने सर पर चलासू-ए-कर्ब-ओ-बला इब्न-ए-हैदर चलाअपने हमराह ले के बहत्तर चलाजिस घड़ी छे महीने का असग़र चलाहो गया हुरमला पारा-पारावो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारा

सय्यिदा फ़ातिमा का दुलारा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारासरवर-ए-अंबिया का है प्यारा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारा

मत कहो आ'ला हज़रत ने क्या दे दियामुस्तफ़ा की गली का पता दे दियाअहल-ए-सुन्नत को इक अस्लहा दे दियाया'नी अद्दौलतुल-मक्किया दे दियाजिस की उल्फ़त में जीवन गुज़ारा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारा

सय्यिदा फ़ातिमा का दुलारा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारासरवर-ए-अंबिया का है प्यारा, वो हुसैन इब्न-ए-हैदर हमारा

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