नात लिरिक्स

Sarkashi Ke Liye Na Kaji Ke Liye | Zindagi Ye Nahin Hai Kisi Ke Liye With Tazmeen

सरकशी के लिए न कजी के लिए | ज़िंदगी ये नहीं है किसी के लिए तज़मीन के साथ

नात ख़्वान: साबिर रज़ा अज़हरी सुरतउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सरकशी के लिए न कजी के लिएख़ुदसरी के लिए न बदी के लिएख़ुसरवी के लिए न ख़ुदी के लिएज़िंदगी ये नहीं है किसी के लिएज़िंदगी है नबी की नबी के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

बुल-हवस न समझ हैं ज़री के लिएहम हैं सरकार की बंदगी के लिएबा-ख़ुदा जी रहे हैं इसी के लिएन समझ मरते हैं ज़िंदगी के लिएजीना मरना है सब कुछ नबी के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

आख़िरत है फ़क़त मुत्तक़ी के लिएदहर की तीरगी है सभी के लिएन परेशान हो चाँदनी के लिएचाँदनी चार दिन है सभी के लिएहै सदा चाँद 'अब्दुन्नबी के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

मोमिन-ओ-पारसा और ताहिर भी हैंमुफ़लिस-ओ-ना-तवाँ और क़ादिर भी हैंरहमत-ए-मुस्तफ़ा से ये ज़ाहिर भी हैंअंत फ़ी-हिम के दामन में मुन्किर भी हैंहम रहे 'इशरत-ए-दाइमी के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

कट गई रात और हो गया पार दिनहो के उन से जुदा तो है बेकार दिनआने वाला है तुम पर बहुत बार दिन'ऐश कर लो यहाँ, मुन्किरो ! चार दिनमर के तरसोगे इस ज़िंदगी के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

शुक्र शामिल है गर आप के सब्र मेंमुस्तफ़ा की मिलेगी रज़ा अज्र मेंपाओगे बा-ख़ुदा फिर जिनाँ हश्र मेंदाग़-ए-'इश्क़-ए-नबी ले चलो क़ब्र मेंहै चराग़-ए-लहद रौशनी के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

ज़ेर हैं दुश्मनान-ए-नबी देखिएहर तरफ़ है निशान-ए-नबी देखिएआइये 'आशिकान-ए-नबी देखिएनक़्श-ए-पा-ए-सगान-ए-नबी देखिएये पता है बहुत रहबरी के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

ऐ बरेली ! तेरी ये क़यादत रहेमर्कज़ियत तेरी ता-क़यामत रहेया ख़ुदा ! इस दु'आ में इजाबत रहेमस्लक-ए-आ'ला-हज़रत सलामत रहेएक पहचान दीन-ए-नबी के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

तौक़-ए-तहज़ीब-ए-अफ़रंग सब तोड़ दो'इश्क़-ए-सरकार में तुम जियो और मरोसुन्नियो ! हुक्म-ए-ताजुश्शरी'आ सुनोमस्लक-ए-आ'ला-हज़रत पे क़ाइम रहोज़िंदगी दी गई है इसी के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

सब को हक़ पर कहे जो ल'ईं, सुन्नियो !वो हमारा कभी भी नहीं, सुन्नियो !भूल जाना न फिर तुम कहीं, सुन्नियो !सुल्ह-ए-कुल्ली नबी का नहीं, सुन्नियो !सुन्नी मुस्लिम है सच्चा नबी के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

या ख़ुदा ! मुझ को पर दे के परवाज़ देमुस्तफ़ा की गली का कोई राज़ देया मुझे इस तरह से तू ए'ज़ाज़ देवो बुलाते हैं कोई ये आवाज़ देदम में जा पहुँचूँ मैं हाज़री के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

मेरी तिश्ना नज़र है, मेरे मुस्तफ़ा !दीद का जाम अब तो पिलाओ, शहा !है यही 'अर्ज़ तुझ से तू जा कर ज़राऐ नसीम-ए-सबा ! उन से कह दे ज़रामुज़्तरिब है गदा हाज़री के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

चाँद में टूटने की है फिर से ललकमाह-ओ-अख़्तर में हैं उन के रुख़ की झलकदे रहे हैं सदा ये सभी ज़-फ़लक़जिन के दिल में है 'इश्क़-ए-नबी की चमकवो तरसते नहीं चाँदनी के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

मुस्तफ़ा दीजिए वलवले 'इश्क़ केलूट लूँ मैं भी तो कुछ मज़े 'इश्क़ केचूँकि देखे हैं ये फ़लसफ़े 'इश्क़ केजिन के दिल में हैं जल्वे तेरे 'इश्क़ केचश्मा-ए-नूर हैं रौशनी के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

पढ़ रहे थे जो पारे तेरे 'इश्क़ केचढ़ गए रंग सारे तेरे 'इश्क़ केउन को हासिल हैं रिश्ते तेरे 'इश्क़ केजिन के दिल में हैं जल्वे तेरे 'इश्क़ केवो हैं नज्म-ए-ज़माँ रौशनी के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

देख कर वो जनाज़े का मंज़र, शहा !आप के रोज़-ओ-शब को जब इस ने पढ़ाअय्यूब-ए-ख़स्ता बे-साख़्ता बोल उठाअख़्तर-ए-क़ादरी ख़ुल्द में चल दियाख़ुल्द वा है हर इक क़ादरी के लिए

वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !वल्लाह ! वल्लाह ! वल्लाह !

कलाम:मुफ़्ती अख़्तर रज़ा ख़ान बरेलवी

तज़मीन:मुहम्मद अय्यूब रज़ा अमजदी

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