नात लिरिक्स

Sarkar-e-Ghaus-e-Azam Nazar-e-Karam Khudara

सरकार-ए-ग़ौस-ए-आज़म नज़र-ए-करम ख़ुदारा

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सरकार-ए-ग़ौस-ए-आ'ज़म ! नज़र-ए-करम ख़ुदा-रामेरा ख़ाली कासा भर दो, मैं फ़क़ीर हूँ तुम्हारा

सब का कोई न कोई दुनिया में आसरा हैमेरा ब-जुज़ तुम्हारे कोई नहीं सहारा

मौला 'अली का सदक़ा, गंज-ए-शकर का सदक़ामेरी लाज रख लो, या ग़ौस ! मैं मुरीद हूँ तुम्हारा

झोली को मेरी भर दो, वर्ना कहेगी दुनियाऐसे सख़ी का मँगता फिरता है मारा मारा

मीराँ बने हैं दूल्हा, महफ़िल सजी हुई हैसब औलिया बराती, क्या ख़ूब है नज़ारा

ये 'अता-ए-दस्त-गीरी कोई मेरे दिल से पूछेवहीं आ गए मदद को, मैं ने जब जहाँ पुकारा

ये अदा-ए-दस्त-गीरी कोई मेरे दिल से पूछेवहीं आ गए मदद को, मैं ने जब जहाँ पुकारा

ये तेरा करम है मुर्शिद ! जो बना लिया है अपनाकहाँ रू-सियाह फ़रीदी, कहाँ सिलसिला तुम्हारा

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।