नात लिरिक्स

Sambhal Ja Aye Dil-e-Muztar Madina Aane Wala Hai

सँभल जा ऐ दिल-ए-मुज़्तर मदीना आने वाला है

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: अख़्तर रज़ा ख़ानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सँभल जा, ऐ दिल-ए-मुज़्तर ! मदीना आने वाला हैलुटा, ऐ चश्म-ए-तर ! गौहर, मदीना आने वाला है

क़दम बन जाए मेरा सर, मदीना आने वाला हैबिछूँ रह में नज़र बन कर, मदीना आने वाला है

जो देखे उन का नक़्श-ए-पा, ख़ुदा से वो नज़र माँगूँचराग़-ए-दिल चलूँ ले कर, मदीना आने वाला है

करम उन का चला यूँ दिल से कहता राह-ए-तयबा मेंदिल-ए-मुज़्तर ! तसल्ली कर, मदीना आने वाला है

निछावर हैं मदीने की ये मेरा दिल मेरी आँखेंनिछावर हूँ मदीने पर, मदीना आने वाला है

इलाही ! मैं तलबगार-ए-फ़ना हूँ ख़ाक-ए-तयबा मेंइलाही ! कर निसार-ए-दर, मदीना आने वाला है

मदीने को चला मैं बे-नियाज़-ए-रहबर-ए-मंज़िलरह-ए-तयबा है ख़ुद रहबर, मदीना आने वाला है

मुझे खींचे लिए जाता है शौक़-ए-कूचा-ए-जानाँखिंचा जाता हूँ मैं यकसर, मदीना आने वाला है

वो चमका गुंबद-ए-ख़ज़रा, वो शहर-ए-पुर-ज़िया आयाढले अब नूर में पैकर, मदीना आने वाला है

जहाँ से बे-ख़बर हो कर चलो ख़ुल्द-ए-मदीना मेंचलो अब होश की पी कर, मदीना आने वाला है

मदीने में खुले बाब-ए-हयात-ए-नौ ब-तर्ज़-ए-नौबदल डालो कुहन दफ़्तर, मदीना आने वाला है

ज़रा, ऐ मरकब-ए-'उम्र-ए-रवाँ ! चल बर्क़ की सूरतदिखा परवाज़ के जौहर, मदीना आने वाला है

तलबगार-ए-मदीना तक मदीना ख़ुद ही आ जाएतू दुनिया से किनारा कर, मदीना आने वाला है

मदीना आ गया अब देर क्या है सिर्फ़ इतनी सीतू ख़ाली कर ये दिल का घर, मदीना आने वाला है

फ़लक शायद ज़मीं पर रह गया ख़ाक-ए-गुज़र बन करबिछे हैं राह में अख़्तर, मदीना आने वाला है

फ़ज़ाएँ महकी महकी हैं, हवाएँ भीनी भीनी हैंबसी है कैसी मुश्क-ए-तर, मदीना आने वाला है

क़मर आया है शायद उन के तलवों की ज़िया लेनेबिछा है चाँद का बिस्तर, मदीना आने वाला है

मुहम्मद के गदा कुछ फ़र्श वाले ही नहीं देखोवो आता है शह-ए-ख़ावर, मदीना आने वाला है

ग़ुबार-ए-राह-ए-अनवर किस-क़दर पुर-नूर है, अख़्तर !तनी है नूर की चादर, मदीना आने वाला है

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