नात लिरिक्स

Rozi Khuda Ne Di Hai, Khilaate Hain Mustafa

रोज़ी ख़ुदा ने दी है, खिलाते हैं मुस्तफ़ा

नात ख़्वान: दिलबर शाहीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

रोज़ी ख़ुदा ने दी है, खिलाते हैं मुस्तफ़ादुनिया है ये ख़ुदा की, चलाते हैं मुस्तफ़ा

कितने अमीर हो के भी तयबा न जा सकेजाते वही हैं जिन को बुलाते हैं मुस्तफ़ा

पढ़ कर दुरूद रात में सो जाओ बा-वुज़ूमैंने सुना है ख़्वाब में आते हैं मुस्तफ़ा

आओ चलें मदीना, बुलाते हैं मुस्तफ़ासीने से ग़मज़दों को लगाते हैं मुस्तफ़ा

है बचपने की 'उम्र मगर काम देखिएऊँगली पे अपनी चाँद नचाते हैं मुस्तफ़ा

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