नात लिरिक्स

Ishq-e-Nabi Ka Jaam Pilao Na Ghaus-e-Pak | Baghdad Maine Dekha Nahin Hai

इश्क़-ए-नबी का जाम पिलाओ ना ग़ौस-ए-पाक | बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

नात ख़्वान: दिलबर शाहीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

'इश्क़-ए-नबी का जाम पिलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

क़दमों में अपने मुझ को सुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

'इश्क़-ए-नबी का जाम पिलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

मैं क्या करूँगा सुन के ज़माने की हिदायतवज्ह-ए-सुकून है शह-ए-जीलाँ की करामतबर्तानिया, अफ़ग़ान से क्या लेना है मुझेमौक़ा' मिला तो देखना पूछूँगा एक बार

कब जाऊँगा 'इराक़ बताओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

'इश्क़-ए-नबी का जाम पिलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

ज़ुल्म-ओ-जफ़ा, सितम है, बलाओं का राज हैहम जिस में जी रहे हैं ये कैसा समाज है ?ज़हरीली हो गई है फ़ज़ा इस तरह यहाँग़ौस-उल-वरा से मेरी ये फ़रियाद आज है

दो गज़ ज़मीन दे के बसाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

'इश्क़-ए-नबी का जाम पिलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

सारे बुरों में मैं हूँ बुरा तो बुरा सहीलेकिन तमाम अच्छों में अच्छा मिला तू हीदादी है तेरी फ़ातिमा, दादा तेरे 'अलीदेखेंगी तेरा रौज़ा निगाहें ये कब मेरी

हसरत की आग मेरी बुझाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

'इश्क़-ए-नबी का जाम पिलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

राहत-गुज़ीं जहाँ पे ख़ुदा हबीब हैदेखा है जिस ने शहर-ए-नबी, ख़ुशनसीब हैअस्लाफ़ की किताब में तहरीर यही हैबग़दाद से हुदूद-ए-मदीना क़रीब है

मुझ को वहीं से तयबा दिखाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

'इश्क़-ए-नबी का जाम पिलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

कुछ बद-तमीज़ बकते हैं वलियों की शान मेंबाज़ार में, मकान में, अपनी दुकान मेंपाबंदियाँ लगाइए उस की उड़ान मेंलग जाए ताला आज ही उस की ज़बान में

तीर-ए-नज़र वहीं से चलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

'इश्क़-ए-नबी का जाम पिलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

मैं 'अंदलीब-ए-बाग़-ए-रिसालत बना फिरूँहर दिलरुबा के दिल का मैं दिलबर बना फिरूँबरसों से मेरे दिल की तमन्ना है बस यहीइक जलसा मैं 'इराक़ में जा कर कभी पढ़ूँ

शोहरत में चार चाँद लगाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

'इश्क़-ए-नबी का जाम पिलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

इस दिल से दूर आज ही रंज-ओ-अलम करोमौला हसन-हुसैन के सदक़े करम करोदुनिया पड़ी है पीछे तुम्हारे ग़ुलाम केबढ़ता ही जा रहा है सितम, आप कम करो

तुम ज़ालिमों का ज़ोर मिटाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

'इश्क़-ए-नबी का जाम पिलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बुलाओ ना, ग़ौस-ए-पाक !बग़दाद मैं ने देखा नहीं है

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