नात लिरिक्स

Ramzan Alwada Mah-e-Ramzan Alwada | Ramzan Alwida Mahe Ramzan Alwida

रमज़ान अल-वदाअ माह-ए-रमज़ान अल-वदाअ

नात ख़्वान: Hafiz Tahir Qadriशायर: मुहम्मद आसिम-उल-क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

रमज़ान है चला, माह-ए-रमज़ान है चलारमज़ान है चला, माह-ए-रमज़ान है चला

रमज़ान अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ान अल-वदा'अरमज़ान अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ान अल-वदा'अ

रोती है आँख, दिल है परेशान, या ख़ुदा !अब छोड़ के चला हमें रमज़ान, या ख़ुदा !फिर से दिखाना तू माह-ए-ग़ुफ़रान, या ख़ुदा !हम आसियों का है यही अरमान, या ख़ुदा !

रमज़ान अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ान अल-वदा'अरमज़ान अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ान अल-वदा'अ

आने से तेरे दिल को मिली थी मसर्रतेंहम आसियों पे रब की बरसती थी रहमतेंहर शख़्स शादमाँ था तेरी पा के ने'अमतेंतेरे तुफ़ैल रब ने 'अता की थी बरकतें

रमज़ान अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ान अल-वदा'अरमज़ान अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ान अल-वदा'अ

इफ़्तार की वो रौनक़ें, सहरी की लज़्ज़तेंआती है याद मुझ को तरावीह की सा'अतेंक़ुरआन की तिलावतें, सज्दों की कसरतेंअब छोड़ के चली हमें रमज़ाँ की ज़ीनतें

रमज़ान अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ान अल-वदा'अरमज़ान अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ान अल-वदा'अ

जाने से तेरे रोते थे अल्लाह के नबीऔर आप के सहाबा तड़प जाते थे सभीऐ मोमिनो ! क्या तुम ने भी ऐसा किया कभीया सिर्फ़ तुम ने 'ईद की हासिल है की ख़ुशी

रमज़ान अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ान अल-वदा'अरमज़ान अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ान अल-वदा'अ

हक़ तेरी मोहब्बत का न हम कर सके अदातुझ माह-ए-मुक़द्दस में भी करते रहे ख़ताहम तेरे गुनहगार हैं, होना न तू ख़फ़ाराज़ी तू हम से रहना ख़ुदा के लिये सदा

रमज़ान अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ान अल-वदा'अरमज़ान अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ान अल-वदा'अ

ऐ रब्ब-ए-काएनात के मेहमान ! अस्सलाम'आसिम की जान तुझ पे है क़ुर्बान, अस्सलामहम हो सके न तेरे क़द्र-दान, अस्सलामअपने 'अमल पे हम हैं पशेमान, अस्सलाम

रमज़ान अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ान अल-वदा'अरमज़ान अल-वदा'अ, माह-ए-रमज़ान अल-वदा'अ

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