नात लिरिक्स

Rahmat Ka Hai Khazina Ramzan Ka Mahina

रहमत का है ख़ज़ीना रमज़ान का महीना

नात ख़्वान: Hafiz Tahir Qadriउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

रहमत का है ख़ज़ीना रमज़ान का महीनाबख़्शिश का आबगीना रमज़ान का महीना

अल्लाह रहमतों की बरसात हो रही हैख़ुल्द-ए-बरीं का ज़ीना, रमज़ान का महीना

रहमत का है ख़ज़ीना रमज़ान का महीनाबख़्शिश का आबगीना रमज़ान का महीना

दरिया-ए-मग़्फ़िरत की मौजें भी जोश पर हैंबख़्शिश का है सफ़ीना, रमज़ान का महीना

रहमत का है ख़ज़ीना रमज़ान का महीनाबख़्शिश का आबगीना रमज़ान का महीना

अब तो ख़ुदा के बंदे ये दु'आएँ माँगते हैंहो काश ! हर महीना रमज़ान का महीना

रहमत का है ख़ज़ीना रमज़ान का महीनाबख़्शिश का आबगीना रमज़ान का महीना

क़ुर्बान क्यूँ न जाएँ, आए जो मौत ऐसीऐ काश ! हो मदीना, रमज़ान का महीना

रहमत का है ख़ज़ीना रमज़ान का महीनाबख़्शिश का आबगीना रमज़ान का महीना

सरवर ! उतार देगा सब ज़ंग ये दिलों केरौशन करेगा सीना, रमज़ान का महीना

रहमत का है ख़ज़ीना रमज़ान का महीनाबख़्शिश का आबगीना रमज़ान का महीना

ना'त-ख़्वाँ:हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।