नात लिरिक्स

Ham Masjid-e-Aqsa Tujhe Aazaad Karenge | Labbaik Ya Aqsa

हम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे | लब्बैक या अक़्सा

नात ख़्वान: मुहम्मद सलीम रज़ा क़ादरीशायर: मुहम्मद आसिम-उल-क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

लब्बैक ! लब्बैक ! अल-जिहाद !लब्बैक ! लब्बैक ! अल-जिहाद !

दुश्मन को तेरे देखना बर्बाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगेफिर अहल-ए-फ़िलिस्तीन को हम शाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे

लब्बैक ! लब्बैक ! अल-जिहाद !लब्बैक ! लब्बैक ! अल-जिहाद !

ज़ालिम के तकब्बुर को जो मिट्टी में मिला देदुश्मन को तेरे मौत की जो नींद सुला देदेखेगा जहाँ चीज़ वो ईजाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे

दुश्मन को तेरे देखना बर्बाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे

लब्बैक या अक़्सा ! लब्बैक या अक़्सा !

दीवाने हैं, मस्ताने हैं हम शाह-ए-उमम केडरते नहीं गर सैकड़ों तूफ़ाँ भी हों ग़म केये काम है फ़ौलाद का, फ़ौलाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे

दुश्मन को तेरे देखना बर्बाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे

लब्बैक ! लब्बैक ! अल-जिहाद !लब्बैक ! लब्बैक ! अल-जिहाद !

देखेंगे सलातीन-ए-जहाँ फिर से वो मंज़रआएगा तेरी गलियों में अय्यूबी का लश्करफिर देखना दुश्मन तेरे फ़रियाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे

दुश्मन को तेरे देखना बर्बाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे

लब्बैक या अक़्सा ! लब्बैक या अक़्सा !

ज़ालिम के हर इक ज़ुल्म को रख देंगे मिटा करकाफ़िर को फ़िलिस्तीन से दम लेंगे भगा करकुछ भी तो नहीं वक़्त के शद्दाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे

दुश्मन को तेरे देखना बर्बाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे

लब्बैक ! लब्बैक ! अल-जिहाद !लब्बैक ! लब्बैक ! अल-जिहाद !

रखवाले हैं हम ख़ादिम-ए-रज़वी के मिशन केदीवाने हैं, परवाने हैं इस शेर-ए-फ़िगन केहम ही तेरे ग़द्दारों को नाशाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे

दुश्मन को तेरे देखना बर्बाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे

लब्बैक या अक़्सा ! लब्बैक या अक़्सा !

मर जाएँगे पर होने न देंगे तुझे रुस्वाकर सकता नहीं कोई तेरे क़ुद्स का सौदाहम फिर से तेरी ख़ाक को आबाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे

दुश्मन को तेरे देखना बर्बाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे

लब्बैक ! लब्बैक ! अल-जिहाद !लब्बैक ! लब्बैक ! अल-जिहाद !

हम मस्जिद-ए-अक़्सा के निगहबान हैं, 'आसिम !हम इस के लिए हर घड़ी क़ुर्बान हैं, 'आसिम !हम फिर से अयाँ जज़्बा-ए-अज्दाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे

दुश्मन को तेरे देखना बर्बाद करेंगेहम मस्जिद-ए-अक़्सा तुझे आज़ाद करेंगे

लब्बैक ! लब्बैक ! अल-जिहाद !लब्बैक ! लब्बैक ! अल-जिहाद !

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