नात लिरिक्स

Qurban Khud Ko Kar Ke Musalla Bacha Liya

क़ुर्बान ख़ुद को कर के मुसल्ला बचा लिया

नात ख़्वान: राही बस्तवीशायर: राही बस्तवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

क़ुर्बान ख़ुद को कर के मुसल्ला बचा लियासर दे दिया हुसैन ने, सज्दा बचा लिया

दीन-ए-नबी बचा लिया इतना ही मत कहेंकहिए 'अली के लाल ने का'बा बचा लिया

रोज़ा, नमाज़, दीन-ए-मुहम्मद की 'अज़मतेंतन्हा मेरे हुसैन ने क्या क्या बचा लिया

गिर गिर के शह-सवार ने नहर-ए-फ़ुरात परदीन-ए-रसूल-ए-पाक का झंडा बचा लिया

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