नात लिरिक्स

Madine Bula Lijie

मदीने बुला लीजिए

शायर: राही बस्तवीउपलब्ध: हिंदी

यही एक बीमार की है दुआ, मदीने बुला लीजिएकहीं मर न जाए ग़ुलाम आप का, मदीने बुला लीजिए

हूँ बीमार-ए-ग़म, कोई चारा नहीं है, तबीबों का भी अब सहारा नहीं हैहज़ारों मरज़ की यही है दवा, मदीने बुला लीजिए

कहीं मर न जाए ग़ुलाम आप का, मदीने बुला लीजिए

ज़बां पर है काबा, है दिल में मदीना, हवाले समुंदर के टूटा सफ़ीनाचला है यही कहते या मुस्तफ़ा ! मदीने बुला लीजिए

कहीं मर न जाए ग़ुलाम आप का, मदीने बुला लीजिए

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