नात लिरिक्स

Qismat Meri Chamkaiye Chamkaiye Aaqa

क़िस्मत मेरी चमकाइए चमकाइए आक़ा

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

क़िस्मत मेरी चमकाइए चमकाइए, आक़ा !मुझ को भी दर-ए-पाक पे बुलवाइए, आक़ा !

सीने में हो का'बा तो बसे दिल में मदीनाआँखों में मेरी आप समा जाइए, आक़ा !

बेताब हूँ, बेचैन हूँ दीदार की ख़ातिरलिल्लाह ! मेरे ख़्वाब में आ जाइए, आक़ा !

हर सम्त से आफ़ात-ओ-बलिय्यात ने घेरामजबूर की इमदाद को अब आइए, आक़ा !

सकरात का 'आलम है, शहा ! दम है लबों परतशरीफ़ सिरहाने मेरे अब लाइए, आक़ा !

वहशत है, अँधेरा है मेरी क़ब्र के अंदरआ कर ज़रा रौशन इसे फ़रमाइए, आक़ा !

मुजरिम को लिए जाते हैं अब सू-ए-जहन्नमलिल्लाह ! शफ़ा'अत मेरी फ़रमाइए, आक़ा !

'अत्तार पे, या शाह-ए-मदीना ! हो 'इनायतवीराना-ए-दिल आ के बसा जाइए, आक़ा !

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