नात लिरिक्स

Qibla-o-Kaba-e-Iman Rasool-e-Arabi

क़िब्ला-ओ-काबा-ए-ईमान रसूल-ए-अरबी

नात ख़्वान: अब्दुल वकील मुबारकपुरीशायर: बेदम शाह वारसी और अन्यउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

क़िब्ला-ओ-का'बा-ए-ईमान, रसूल-ए-'अरबी !दो जहाँ आप पे क़ुर्बान, रसूल-ए-'अरबी !

चाँद हो तुम जो रसूलान-ए-सलफ़ तारे हैंसब नबी दिल हैं तो तुम जान, रसूल-ए-'अरबी !

सदक़ा हसनैन का रौज़े पे बुला लो मुझ कोहिन्द में हूँ मैं परेशान, रसूल-ए-'अरबी !

किस की मुश्किल में तेरी ज़ात न आड़े आईतेरा किस पर नहीं एहसान, रसूल-ए-'अरबी !

कोई बेहतर है तो बेहतर से भी बेहतर तू हैसब से आ'ला है तेरी शान, रसूल-ए-'अरबी !

कोई बेहतर है तो बेहतर से भी बेहतर तुम होसब से आ'ला है तेरी शान, रसूल-ए-'अरबी !

तेरा दीदार है दीदार-ए-इलाही मुझ कोतेरी उल्फ़त मेरा ईमान, रसूल-ए-'अरबी !

मज्मा'-ए-हश्र में इस शान से आए बेदमहाथ में हो तेरा दामान, रसूल-ए-'अरबी !

तेरा ही 'इश्क़ है ईमान, रसूल-ए-'अरबी !बल्कि ईमान की है जान, रसूल-ए-'अरबी !

किस को हासिल तेरा इरफ़ान, रसूल-ए-'अरबी !वस्फ़ जब करता है रहमान, रसूल-ए-'अरबी !

क़ुदसियों ने रुख़-ए-ज़ेबा का तसद्दुक़ पाया'अर्श पर जब हुए मेहमान, रसूल-ए-'अरबी !

अर्ज़-ए-तयबा से चली झूम के जब बाद-ए-नसीममुश्किलें हो गईं आसान, रसूल-ए-'अरबी !

'उम्र भर कर के ग़ुलामी भी चुका सकते नहींकुल जहाँ आप का एहसान, रसूल-ए-'अरबी !

कोई नेकी न कोई ख़ैर न ख़ूबी न कमालहाँ मगर दिल में है ईमान, रसूल-ए-'अरबी !

ग़ौस-ओ-ख़्वाजा, क़ुतुब अब्दाल सभी के दर सेबटता है आप का फ़ैज़ान, रसूल-ए-'अरबी !

बद्र के शे'र को भी कीजे 'अता शर्फ़-ए-क़ुबूलसदक़ा-ए-नग़्मा-ए-हस्सान, रसूल-ए-'अरबी !

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