नात लिरिक्स

Anguthi Le Ke Aaye Hain Nagina Chhod Aaye Hain

अँगूठी ले के आए हैं नगीना छोड़ आए हैं

नात ख़्वान: अब्दुल वकील मुबारकपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अँगूठी ले के आए हैं, नगीना छोड़ आए हैंबहुत पछता रहे हैं जो मदीना छोड़ आए हैं

मुझे मा'लूम है ख़ुश्बू कहाँ से आई फूलों मेंमेरे सरकार गुलशन में पसीना छोड़ आए हैं

बचाने के लिए कर्ब-ओ-बला में दीन की 'अज़मतहुसैन इब्न-ए-'अली हज का महीना छोड़ आए हैं

ये सूरज, चाँद, तारे इस लिए अब तक चमकते हैंशह-ए-बतहा वहाँ ख़ाक-ए-मदीना छोड़ आए हैं

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