नात लिरिक्स

Pukaro Ya Rasoolallah | Pukaro Ya Rasool Allah | Tum Bhi Kar Ke Unka Charcha Apne Dil Chamkao

पुकारो या रसूलल्लाह | तुम भी कर के उन का चर्चा अपने दिल चमकाओ

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

तुम भी कर के उन का चर्चाअपने दिल चमकाओऊँचे में ऊँचा नबी का झंडाआ'ला से आ'ला नबी का झंडा'अज़मत वाला नबी का झंडाघर घर में लहराओ

पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

या रसूलल्लाह के ना'रे से हम को प्यार हैहम ने ये ना'रा लगाया, अपना बेड़ा पार है

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !सोहणे की आमद ! मरहबा !मक्की की आमद ! मरहबा !मदनी की आमद ! मरहबा !प्यारे की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !अच्छे की आमद ! मरहबा !सच्चे की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !पुर-नूर की आमद ! मरहबा !आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !सब मिल कर बोलो ! मरहबा !सब झूम के बोलो ! मरहबा !

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

ख़ुल्द में होगा हमारा दाख़िला इस शान सेया रसूलल्लाह का ना'रा लगाते जाएँगे

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

रब्बी हब ली उम्मती कहते हुए पैदा हुएहक़ ने फ़रमाया कि बख़्शा, अस्सलातु व-स्सलाम

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !मनठार की आमद ! मरहबा !सोहणे की आमद ! मरहबा !मक्की की आमद ! मरहबा !मदनी की आमद ! मरहबा !प्यारे की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !अच्छे की आमद ! मरहबा !सच्चे की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !पुर-नूर की आमद ! मरहबा !आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !सब मिल कर बोलो ! मरहबा !सब झूम के बोलो ! मरहबा !

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

चाँद सा चमकाते चेहरा, नूर बरसाते हुएआ गए बदरुद्दुजा, अहलं-व्व-सहलन मरहबा

आमिना के घर में आक़ा की विलादत हो गईमरहबा सद मरहबा, अहलं-व्व-सहलन मरहबा

बैत-ए-अक़्सा, बाम-ए-का'बा, बर-मकान-ए-आमिनानस्ब परचम हो गया, अहलं-व्व-सहलन मरहबा

पुर-नूर है ज़माना सुब्ह-ए-शब-ए-विलादतपर्दा उठा है किस का सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

जल्वा है हक़ का जल्वा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादतसाया ख़ुदा का साया सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

फ़स्ल-ए-बहार आई, शक्ल-ए-निगार आईगुलज़ार है ज़माना सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

फूलों से बाग़ महके, शाख़ों पे मुर्ग़ चहके'अहद-ए-बहार आया सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

दिल जगमगा रहे हैं, क़िस्मत चमक उठी हैफैला नया उजाला सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

आई नई हुकूमत, सिक्का नया चलेगा'आलम ने रंग बदला सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

रूह-उल-अमीं ने गाड़ा का'बे की छत पे झंडाता-'अर्श उड़ा फरेरा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

पढ़ते हैं 'अर्श वाले, सुनते हैं फ़र्श वालेसुल्तान-ए-नौ का ख़ुत्बा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

दिन फिर गए हमारे, सोते नसीब जागेख़ुर्शीद ही वो चमका सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

प्यारे रबी'-उल-अव्वल ! तेरी झलक के सदक़ेचमका दिया नसीबा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

नौशा बनाओ उन को, दूल्हा बनाओ उन कोहै 'अर्श तक ये शोहरा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

शादी रची हुई है, बजते हैं शादियानेदूल्हा बना वो दूल्हा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

'अर्श-ए-'अज़ीम झूमे, का'बा ज़मीन चूमेआता है 'अर्श वाला सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

आमद का शोर सुन कर, घर आए हैं भिकारीघेरे खड़े हैं रस्ता सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

आओ फ़क़ीरो ! आओ, मुँह माँगी आस पाओबाब-ए-करीम है वा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

सूखी ज़बानों ! आओ, ऐ जलती जानो ! आओलहरा रहा है दरिया सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

तेरी चमक दमक से 'आलम चमक रहा हैमेरे भी बख़्त चमका सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

बाँटा है दो-जहाँ में तू ने ज़िया का बाड़ादे दे हसन का हिस्सा सुब्ह-ए-शब-ए-विलादत

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

'ईद-ए-मीलादुन्नबी है, दिल बड़ा मसरूर हैहर तरफ़ है शादमानी, रंज-ओ-ग़म काफ़ूर है

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

इस तरफ़ जो नूर है तो उस तरफ़ भी नूर हैज़र्रा ज़र्रा सब जहाँ का नूर से मा'मूर है

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

ग़म के बादल छट गए और ग़म के मारे झूम उठेआ गया ख़ुशियाँ लिए माह-ए-रबीउन्नूर है

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

आमिना ! तुझ को मुबारक शाह का मीलाद होतेरा आँगन नूर, तेरा घर का घर सब नूर है

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

जश्न-ए-मीलादुन्नबी है, क्यूँ न झूमें आज हममुस्कुराती हैं बहारें, सब फ़ज़ा पुर-नूर है

मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !मरहबा ! मरहबा ! मरहबा या मुस्तफ़ा !

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !सोहणे की आमद ! मरहबा !मक्की की आमद ! मरहबा !मदनी की आमद ! मरहबा !प्यारे की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !अच्छे की आमद ! मरहबा !सच्चे की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !पुर-नूर की आमद ! मरहबा !आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !सब मिल कर बोलो ! मरहबा !सब झूम के बोलो ! मरहबा !

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

सुब्ह तयबा में हुई, बटता है बाड़ा नूर कासदक़ा ले ने नूर का, आया है तारा नूर का

मैं गदा तू बादशाह, भर दे पियाला नूर कानूर दिन दूना तेरा, दे डाल सदक़ा नूर का

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

तेरी नस्ल-ए-पाक में है बच्चा बच्चा नूर कातू है 'ऐन-ए-नूर, तेरा सब घराना नूर का

नारियों का दौर था, दिल जल रहा था नूर कातुम को देखा हो गया ठंडा कलेजा नूर का

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

ताज वाले ! देख कर तेरा 'अमामा नूर कासर झुकाते हैं इलाही बोल-बाला नूर का

ऐ रज़ा ! ये अहमद-ए-नूरी का फ़ैज़-ए-नूर हैहो गई मेरी ग़ज़ल बढ़ कर क़सीदा नूर का

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !सोहणे की आमद ! मरहबा !मक्की की आमद ! मरहबा !मदनी की आमद ! मरहबा !प्यारे की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !अच्छे की आमद ! मरहबा !सच्चे की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !पुर-नूर की आमद ! मरहबा !आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !सब मिल कर बोलो ! मरहबा !सब झूम के बोलो ! मरहबा !

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !पुकारो, या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

या हबीब-ए-किब्रिया ! अहलं-व्व-सहलन मरहबामुस्तफ़ा-ओ-मुज्तबा ! अहलं-व्व-सहलन मरहबा

पेशवा-ए-अंबिया ! अहलं-व्व-सहलन मरहबामुरसलीं के मुक़्तदा ! अहलं-व्व-सहलन मरहबा

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !सोहणे की आमद ! मरहबा !मक्की की आमद ! मरहबा !मदनी की आमद ! मरहबा !प्यारे की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !अच्छे की आमद ! मरहबा !सच्चे की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा !पुर-नूर की आमद ! मरहबा !आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !सब मिल कर बोलो ! मरहबा !सब झूम के बोलो ! मरहबा !

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