नात लिरिक्स

Phoolon Ki Hai Mehkar Magar Teri Kami Hai | Chidiyon Ki Hai Chehkar Magar Teri Kami Hai

फूलों की है महकार मगर तेरी कमी है | चिड़ियों की है चहकार मगर तेरी कमी है

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

फूलों की है महकार मगर तेरी कमी हैचिड़ियों की है चहकार मगर तेरी कमी है

गुलशन में गुलाबों की कमी कोई नहीं हैकहता है दिल-ए-ज़ार मगर तेरी कमी है

हर दर्द में, तक़लीफ़ में और रंज-ओ-अलम मेंऐ मेरी मददगार ! मगर तेरी कमी है

क़िस्मत ने किया दौलत-ए-ममता से है महरूमदौलत का है अँबार मगर तेरी कमी है

हर आन मेरे सर पे दु'आओं के वो साएहै साया-ए-अश्जार मगर तेरी कमी है

रमज़ान की रौनक़ थी तेरे दम से दो-बालाहै सहरी-ओ-इफ़्तार मगर तेरी कमी है

बहलीम के अमराज़ की तश्ख़ीस करे कौन ?ऐ वाक़िफ़-ए-आज़ार ! मगर तेरी कमी है

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