नात लिरिक्स

Pesh-e-Haq Muzda Shafaat Ka Sunate Jayenge

पेश-ए-हक़ मुज़्दा शफ़ाअत का सुनाते जाएँगे

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: इमाम अहमद रज़ा ख़ानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

पेश-ए-हक़ मुज़्दा शफ़ा'अत का सुनाते जाएँगेआप रोते जाएँगे, हम को हँसाते जाएँगे

दिल निकल जाने की जा है, आह ! किन आँखों से वोहम से प्यासों के लिए दरिया बहाते जाएँगे

कुश्तगान-ए-गर्मी-ए-महशर को वो जान-ए-मसीहआज दामन की हवा दे कर जिलाते जाएँगे

गुल खिलेगा आज ये उन की नसीम-ए-फ़ैज़ सेख़ून रोते आएँगे, हम मुस्कुराते जाएँगे

हाँ चलो, हसरत-ज़दो ! सुनते हैं वो दिन आज हैथी ख़बर जिस की कि वो जल्वा दिखाते जाएँगे

आज 'ईद-ए-'आशिक़ाँ है गर ख़ुदा चाहे कि वोअब्रू-ए-पैवस्ता का 'आलम दिखाते जाएँगे

कुछ ख़बर भी है, फ़क़ीरो ! आज वो दिन है कि वोने'मत-ए-ख़ुल्द अपने सदक़े में लुटाते जाएँगे

ख़ाक-उफ़्तादो ! बस उन के आने ही की देर हैख़ुद वो गिर कर सज्दा में तुम को उठाते जाएँगे

वुस'अतें दी हैं ख़ुदा ने दामन-ए-महबूब कोजुर्म खुलते जाएँगे और वो छुपाते जाएँगे

लो वो आए मुस्कुराते हम असीरों की तरफ़ख़िरमन-ए-'इस्याँ पर अब बिजली गिराते जाएँगे

आँख खोलो, ग़म-ज़दो ! देखो वो गिर्यां आए हैंलौह-ए-दिल से नक़्श-ए-ग़म को अब मिटाते जाएँगे

सोख़्ता-जानों पे वो पुर-जोश-ए-रहमत आए हैंआब-ए-कौसर से लगी दिल की बुझाते जाएँगे

आफ़्ताब उन का ही चमकेगा जब औरों के चराग़सरसर-ए-जोश-ए-बला से झील-मिलाते जाएँगे

पा-ए-कूबाँ पुल से गुज़रेंगे तेरी आवाज़ पररब्ब-ए-सल्लिम की सदा पर वज्द लाते जाएँगे

सरवर-ए-दीं ! लीजे अपने ना-तुवानों की ख़बरनफ़्स-ओ-शैताँ, सय्यिदा ! कब तक दबाते जाएँगे

हश्र तक डालेंगे हम पैदाइश-ए-मौला की धूममिस्ल-ए-फ़ारिस नज्द के क़ल'ए गिराते जाएँगे

ख़ाक हो जाएँ 'अदू जल कर मगर हम तो, रज़ा !दम में जब तक दम है ज़िक्र उन का सुनाते जाएँगे

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