नात लिरिक्स

Payam Le Ke Jo Aai Saba Madine Se

पयाम ले के जो आई सबा मदीने से

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: मुफ़्ती-ए-आज़म हिन्द मुस्तफ़ा रज़ा ख़ानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

पयाम ले के जो आई सबा मदीने सेमरीज़-ए-'इश्क़ की लाई दवा मदीने से

सुनो तो ग़ौर से आई सदा मदीने सेक़रीं है रहमत-ओ-फ़ज़्ल-ए-ख़ुदा मदीने से

मिले हमारे भी दिल को जिला मदीने सेकि मेहर-ओ-माह ने पाई ज़िया मदीने से

तुम्हारी एक झलक ने किया उसे दिलकशफ़रोग़ हुस्न ने पाया, शहा ! मदीने से

तमाम शाह-ओ-गदा पल रहे हैं इस दर सेमिली जहान को रोज़ी सदा मदीने से

जो आया ले के गया, कौन लौटा ख़ाली हाथबता दे कोई सुना हो जो "ला" मदीने से

बता दे कोई किसी और से भी कुछ पायाजिसे मिला, जो मिला, वो मिला मदीने से

वो आया ख़ुल्द में जो आ गया मदीने मेंगया वो ख़ुल्द से जो चल दिया मदीने से

न चैन पाएगा ये ग़म-ज़दा किसी सूरतमरीज़-ए-ग़म को मिलेगी शिफ़ा मदीने से

लगाओ दिल को न दुनिया में हर किसी शय सेत'अल्लुक़ अपना हो का'बे से या मदीने से

गदा की राह जहाँ देखें फिर नवा क्यूँ होनवा से पहले मिले बे-नवा मदीने से

चमन के फूल खिले, मुर्दा दिल भी जी उट्ठेनसीम ख़ुल्द से आई है या मदीने से

करेगी मुर्दों को ज़िंदा ये तिश्नों को सैराबवो देखो उट्ठी करम की घटा मदीने से

मदीना चश्मा-ए-आब-ए-हयात है, यारो !चलो हमेशा की ले लो बक़ा मदीने से

फ़ज़ा-ए-ख़ुल्द के क़ुर्बां मगर वो बात कहाँमिल आएँ हज़रत-ए-रिज़वाँ ज़रा मदीने से

हमारे दिल को तो भाया है तयबा ही, ज़ाहिद !तुम्हें है मक्का तो होगा सिवा मदीने से

चले जो तयबा से मुस्लिम तो ख़ुल्द में पहुँचेकि सीधा ख़ुल्द का है रास्ता मदीने से

तुम एक आन में आए गए, तुम्हारे लिएदो गाम भी नहीं 'अर्श-ए-'उला मदीने से

तुम्हारे क़दमों पे सर सदक़े जाँ फ़िदा हो जाएन लाए फिर मुझे मेरा ख़ुदा मदीने से

तेरे हबीब का प्यारा चमन किया बर्बादइलाही ! निकले ये नज्दी बला मदीने से

तेरे नसीब का, नूरी ! मिलेगा तुझ को भीले आए हिस्सा ये शाह-ओ-गदा मदीने से

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