नात लिरिक्स

Owaisiyon Mein Baith Ja Bilaliyon Mein Baith Ja

ओवैसियों में बैठ जा बिलालियों में बैठ जा

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: मुज़फ़्फ़र वारसीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ओवैसियों में बैठ जा, बिलालियों में बैठ जातलब है कुछ तो बे-तलब सवालियों में बैठ जा

ये मा'रिफ़त के रास्ते हैं अहल-ए-दिल के वास्तेजुनैदियों से जा के मिल, ग़ज़ालियों में बैठ जा

जो चाहता है गुल्सितान-ए-मुस्तफ़ा की नौकरीतो बू-ए-मुस्तफ़ा पहन के मालियों में बैठ जा

दुरूद पढ़, नमाज़ पढ़, 'इबादतों के राज़ पढ़सफ़ें तो सब बिछी हैं, 'इश्क़वालियों में बैठ जा

हर एक साँस पर जो उन को देखने का शौक़ हैतो आँख बन के उन के दर की जालियों में बैठ जा

अगर हैं ख़ल्वतें 'अज़ीज़ तो हुजूम में निकलअगर सुकून चाहिए, धमालियों में बैठ जा

मुज़फ़्फ़र ! आप तक रसाई इतनी सहल तो नहींतवज्जोह चाहिए तो यर्ग़मालियों में बैठ जा

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