नात लिरिक्स

Noor Se Apne Sarwar-e-Aalam Duniya Jagmagane Aae

नूर से अपने सरवर-ए-आलम दुनिया जगमगाने आए

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नूर से अपने सरवर-ए-'आलम दुनिया जगमगाने आएग़म के मारों, दुखियारों को वो सीने से लगाने आए

दुनिया जगमगाने आए, दुनिया जगमगाने आए

नूर-ए-निगाह-ए-अंबिया, मेरे हुज़ूर आ गएशान-ओ-निशान-ए-किब्रिया, मेरे हुज़ूर आ गए

नूर से अपने सरवर-ए-'आलम दुनिया जगमगाने आए

निखरा हुवा है रू-ए-गुल, फैली हुई है बू-ए-गुलबन के बहार-ए-जाँ-फ़िज़ा, मेरे हुज़ूर आ गए

नूर से अपने सरवर-ए-'आलम दुनिया जगमगाने आए

अश्कों से भर के झोलियाँ आँखें बिछा दो राह मेंसल्ले-'अला की दो सदा, मेरे हुज़ूर आ गए

नूर से अपने सरवर-ए-'आलम दुनिया जगमगाने आए

चटकी हुई है चाँदनी, फैली हुई है रौशनीदरिया रवाँ है नूर का, मेरे हुज़ूर आ गए

नूर से अपने सरवर-ए-'आलम दुनिया जगमगाने आए

साइम ! कमाल-ए-ज़ौक़ से, क़ल्ब-ओ-नज़र को शौक़ सेराहों में आज दो बिछा, मेरे हुज़ूर आ गए

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