नात लिरिक्स

Nisab-e-Ishq-o-Wafa Sayyida Khadija Hain

निसाब-ए-इश्क़-ओ-वफ़ा सय्यिदा ख़दीजा हैं

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: डॉ. मुहम्मद हुसैन मुशाहिद रज़वीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

निसाब-ए-'इश्क़-ओ-वफ़ा सय्यिदा ख़दीजा हैंक़रार-ए-शाह-ए-दना सय्यिदा ख़दीजा हैं

बिला-शुब्हा हैं ख़दीजा ही जद्दा-ए-सादातबिना-ए-आल-ए-'अबा सय्यिदा ख़दीजा हैं

लुटा दीं दौलतें इस्लाम की बक़ा के लिएमु'ईन-ए-दीन-ए-हुदा सय्यिदा ख़दीजा हैं

दर-ए-करम से कोई भी नहीं गया ख़ालीकमाल-ए-जूद-ओ-सख़ा सय्यिदा ख़दीजा हैं

ख़ुशी हो या कि हो ग़म मुस्तफ़ा के साथ रहींनिशान-ए-सब्र-ओ-विला सय्यिदा ख़दीजा हैं

हिरा पे तोशा लिए उन का दम-ब-दम जानाकमाल-ए-हिल्म-ओ-रज़ा सय्यिदा ख़दीजा हैं

न होगा शोर-ओ-शग़ब कोशक-ए-ख़दीजा मेंमकीन-ए-ख़ुल्द-ए-'उला सय्यिदा ख़दीजा हैं

कि जिन पे 'अर्श से तस्लीम-ए-हक़ हुई नाज़िलपसंद-ए-ज़ात-ए-ख़ुदा सय्यिदा ख़दीजा हैं

मिटेंगे तेरे, मुशाहिद ! तमाम रंज-ओ-अलमकि दर्द-ओ-ग़म की दवा सय्यिदा ख़दीजा हैं

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