नात लिरिक्स

Nigah-e-Rahmat Uthaiye Na Huzoor Mera Nahin Hai Koi

निगाह-ए-रहमत उठाइए ना हुज़ूर मेरा नहीं है कोई

नात ख़्वान: अज़मत रज़ा भागलपुरीशायर: अज़मत रज़ा भागलपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

निगाह-ए-रहमत उठाइए ना, हुज़ूर ! मेरा नहीं है कोईमुझे भी तयबा बुलाइए ना, हुज़ूर ! मेरा नहीं है कोई

सितारा-हा-ए-वफ़ा से मैं ने दिलों के रस्ते सजा दिए हैंग़रीब-ख़ाने पे आइए ना, हुज़ूर ! मेरा नहीं है कोई

बड़ी अदब से ज़बान खोले, हुज़ूर से ये बिलाल बोलेग़ुलाम अपना बनाइए ना, हुज़ूर ! मेरा नहीं है कोई

ग़मों से जीना हुआ है मुश्किल, भँवर में मैं हूँ है दूर साहिलकिनारे कश्ती लगाइए ना, हुज़ूर ! मेरा नहीं है कोई

दिलों की बस्ती उजड़ न जाए, दरख़्त जड़ से उखड़ न जाएबचाइए ना, सँभालिए ना, हुज़ूर ! मेरा नहीं है कोई

उठाइए ना निगाह-ए-रहमत, जुदाई में मर न जाए 'अज़मतहुज़ूर ! रौज़ा दिखाइए ना, हुज़ूर ! मेरा नहीं है कोई

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