नात लिरिक्स

Nigah-e-Lutf Ke Ummeedwar Hum Bhi Hain

निगाह-ए-लुत्फ़ के उम्मीदवार हम भी हैं

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: मौलाना हसन रज़ा ख़ान बरेलवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

निगाह-ए-लुत्फ़ के उम्मीदवार हम भी हैंलिए हुए ये दिल-ए-बे-क़रार हम भी हैं

हमारे दस्त-ए-तमन्ना की लाज भी रखनातेरे फ़क़ीरों में, ऐ शहरयार ! हम भी हैं

इधर भी तौसन-ए-अक़्दस के दो क़दम जल्वेतुम्हारी राह में मुश्त-ए-ग़ुबार हम भी हैं

खिला दो ग़ुंचा-ए-दिल सदक़ा बाद-ए-दामन काउमीदवार-ए-नसीम-ए-बहार हम भी है

तुम्हारी एक निगाह-ए-करम में सब कुछ हैपड़े हुए तो सर-ए-रहगुज़ार हम भी हैं

जो सर पे रखने को मिल जाए ना'ल-ए-पाक-ए-हुज़ूरतो फिर कहेंगे कि हाँ ताजदार हम भी हैं

ये किस शहंशह-ए-वाला का सदक़ा बटता हैकि ख़ुसरओं में पड़ी है पुकार हम भी हैं

हमारी बिगड़ी बनी उन के इख़्तियार में हैसिपुर्द उन्हीं के हैं सब कारोबार हम भी हैं

हसन ! है जिन की सख़ावत की धूम 'आलम मेंउन्हीं के तुम भी हो इक रेज़ा-ख़्वार हम भी हैं

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